PM कौनः राहुल, मोदी या केजरीवाल?
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आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर अब तक भले अंतिम फैसला न हुआ हो, लेकिन अगर ऐसा हुआ, तो राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी का मुकाबला त्रिकोणीय बनते हुए कई गुना दिलचस्प बन जाएगा।
ऐसा लगभग साफ हो चुका है कि भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बीच दौड़ होने वाली है, लेकिन अगर आम आदमी पार्टी केजरीवाल को लेकर कोई बड़ा फैसला करती है, तो मजा दोगुना हो जाएगा।
पार्टी नेता योगेंद्र यादव ने कहा था कि वह केजरीवाल को देश के पीएम के रूप में देखना चाहते हैं, हालांकि उसी शाम दिल्ली के मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, ऐसे में पीएम दावेदार बनने का सवाल ही नहीं है। लेकिन अभी कहानी खत्म नहीं हुई।
AK की दावेदारी AAP के लिए फायदेमंद!
अरविंद केजरीवाल भले लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर चुके हों, लेकिन आम आदमी पार्टी का मानना है कि अगर उन्हें पीएम पद के दावेदार के रूप में आगे बढ़ाया जाता है, इससे पार्टी के लोकसभा चुनावों से जुड़े अभियान को नई जान मिल सकती है।
रविवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कई नेताओं ने यह कहा कि केजरीवाल ने इस बारे में फैसला लेने में कुछ जल्दबाजी दिखाई, क्योंकि वह पार्टी का ऐसा चेहरा हैं जो देश भर में पहचाने जाते हैं।
आम आदमी पार्टी का मानना है कि अगर उन्हें नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की दौड़ में तीसरे मजबूत दावेदार के रूप में उतारा जाता है, तो वह दिल्ली की तरह देश में भी कोई कमाल कर सकते हैं।
अपने फैसले पर दोबारा विचार करेंगे केजरीवाल!
दिल्ली के विधानसभा चुनावों में मिली शानदार जीत की वजह से यह माना जा रहा है कि केजरीवाल के लोकसभा चुनाव न लड़ने के फैसले पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। इन चुनावों में आप ने कांग्रेस को चोट पहुंचाई और भाजपा का खेल बिगाड़ दिया।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि केजरीवाल के लोकसभा चुनाव लड़ने से जुड़ी बहस खुली है, हालांकि कुछ नेताओं का मानना है कि वह चुनावी कोशिशों और रणनीति पर गौर करेंगे, तो ज्यादा फायदा मिल सकता है।
इसके बावजूद इन दलीलों को खारिज नहीं कर सकते कि केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में उतारने से पार्टी को नया उत्साह और जीत की वजह मिलेगी, जिसे वह जनता के सामने रख सकते हैं।
AAP नेताओं ने जताई हैरानी!
रविवार को आम आदमी पार्टी की बैठक में कई नेताओं ने केजरीवाल के शनिवार शाम के फैसले पर हैरानी जताई कि वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने जा रहे। उन्होंने आप नेता योगेंद्र यादव के इस बयान को प्रेम बताया कि वह उन्हें पीएम पद पर देखना चाहते हैं।
हालांकि, पार्टी के दूसरे नेता अभी इस मुद्दे पर अंतिम फैसला सुनाने को तैयार नहीं हैं। प्रशांत भूषण का कहना है कि पीएम दावेदार पर अंतिम फैसला चुनावों के बाद भी किया जा सकता है।
केजरीवाल को पीएम दावेदार के रूप में पेश करने से पहले काफी गुणा-भाग जारी है। हालांकि, पार्टी नेता 300 उम्मीदवार उतारने की बात कह रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि ऐसा कर वह इतनी सीटें जीत सकते हैं, जो लोकसभा में उन्हें ताकत बना दे।
दिल्ली बन सकती है लॉन्च पैड!
आम आदमी पार्टी के एक धड़े का मानना है कि अगर केजरीवाल चुनाव लड़ते हैं, तो उन मतदाताओं को खींचने में ज्यादा आसानी होगी जो खुद को कांग्रेस या भाजपा के समर्थक के रूप में देखते हैं।
सूत्रों की मानें, तो केजरीवाल से भी यह सवाल किया गया है कि पार्टी में बिना चर्चा के उन्होंने यह बयान क्यों दिया कि वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने जा रहे। एक नेता ने कहा, "कई नेताओं ने यह मामला उठाया और उनका मानना था कि इस मामले में दिल्ली के सीएम ने कुछ जल्दबाजी दिखाई।"
एक समूह का मानना है कि दिल्ली में केजरीवाल की भूमिका और नेतृत्व, रणनीतिक अहमियत रखता है, क्योंकि राज्य सरकार की नीतियां और कामकाज राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को परवाज देने वाले लॉन्चिंग पैड साबित हो सकते हैं।
केजरीवाल सबसे मजबूत चेहरा!
दूसरों को मानना है कि केजरीवाल ऐसा चेहरा है, जिनका सम्मान बहुत है और वह स्वीकार्य भी हैं। साथ ही उनका नेतृत्व खेल बदलने वाला साबित हो सकता है। हालांकि, इससे जुड़ा अंतिम फैसला बाद में ही लिया जा सकता है।
शनिवार सवेरे आप नेता योगेंद्र यादव ने यह कहते हुए काफी संकेत देने की कोशिश की कि केजरीवाल पीएम दावेदार बन सकते हैं, क्योंकि पार्टी को कांग्रेस और भाजपा नेताओं से अलग मजबूत विकल्प मुहैया कराना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मेरा सपना है कि मैं केजरीवाल को पीएम बनते देखूं। मुझे लगता है कि वह काफी सक्षम हैं।" इस बारे में पूछने पर केजरीवाल ने शाम को कहा, "मैं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा, इसलिए पीएम दावेदार बनने का सवाल ही नहीं उठता। यह योगेंद्रजी का मेरे प्रति प्रेम है।"