बिन्नी फिर हुए बागी, AAP और केजरीवाल पर हमला
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दिल्ली में गद्दी संभालने के बाद लोकसभा चुनावों के मैदान में उतर रही आम आदमी पार्टी को इन दिनों कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन उसके सामने कोई न कोई मुसीबत खड़ी हो जाती है।
मंगलवार को कुमार विश्वास के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई, तो बुधवार सुबह आम आदमी पार्टी के अपने नेता विनोद कुमार बिन्नी ने अरविंद केजरीवाल के लिए नया सिरदर्द पैदा कर दिया।
बिन्नी ने अपनी पार्टी के तौर-तरीकों पर हमला बोला और बातों-बातों में संकेत दिया कि वह केजरीवाल की वजह से AAP के साथ नहीं आए हैं। आम आदमी पार्टी ने बिन्नी की बगावत पर कड़ा रुख दिखाया है।
AAP की कथनी-करनी में फर्कः बिन्नी
लक्ष्मी नगर से विधायक और इससे पहले मंत्री न बनाए जाने से खफा हो चुके विनोद कुमार बिन्नी ने कहा कि आम आदमी पार्टी मुद्दों को लेकर भटक चुकी है।
बिन्नी ने कहा, "पार्टी की कथनी-करनी में फर्क दिख रहा है। मैं कल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा हूं और ब्योरेवार तरीके से अपनी बात रखूंगा। मेरा मानना है कि केजरीवाल सरकार मुद्दों से भटक रही है।"
विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के दिग्गज नेता ए के वालिया को पटखनी देने वाले बिन्नी ने कहा, "जिन मुद्दों पर आम आदमी पार्टी ने सत्ता पाई है, ऐसा लगता है कि अब उनसे बचा जा रहा है।"
'जनता को बताएंगे कि वादों का क्या हुआ'
आम आदमी पार्टी के नेता बिन्नी ने साफ कर दिया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा, "जो जनता से वादे किए गए थे, उन्हें लेकर रुख बदल रहा है।"
बिन्नी ने कहा, "हम जनता को इस बारे में बताएंगे, क्योंकि हमारी पार्टी पारदर्शिता के सिद्धांत पर खड़ी है। जिन मुद्दों को लेकर जनता के बीच में गए थे और आज हालात में काफी फर्क आ गया है। हम कथनी-करनी का फर्क बताएंगे।"
उन्होंने कहा कि चीजों को सामूहिक आधार पर बताया जाना जरूरी है। पार्टी ने जो वादे किए थे, आज उनकी स्थिति क्या है यह जनता को बताना होगा।
'हम किसी व्यक्ति की वजह से नहीं आए'
विनोद कुमार बिन्नी ने तल्ख रुख अपनाते हुए यह तक कह दिया कि वह किसी व्यक्ति विशेष की वजह से आम आदमी पार्टी से नहीं जुड़े हैं।
उन्होंने कहा, "मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि हम किसी व्यक्ति विशेष की वजह से पार्टी से नहीं जुड़े हैं। किसी चेहरे या एक नेता की वजह से नहीं आए। हम मुद्दों की वजह से पार्टी से जुड़े हैं। ऐसे मुद्दे जिनका ताल्लुक जनता से है।"
बिन्नी ने कहा, "पार्टी को यह अहसास कराया जाना जरूरी है कि हम मुद्दों पर साथ हैं, किसी खास व्यक्ति की वजह से नहीं, इसलिए मैं गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सारा खुलासा करूंगा।"
मुझे नहीं चाहिए कोई पदः बिन्नी
आम आदमी पार्टी के विधायक ने कहा, "मैं जनता की भलाई के लिए आया हूं और वही करना चाहता हूं। जब उप राज्यपाल के पास पहली चिट्ठी भेजी गई थी, तो मैंने खुद कहा था कि मुझे मंत्री नहीं बनना, जनता के लिए काम करना है।"
बिन्नी ने कहा कि इसलिए यह कहना सरासर गलत है कि यह नाराजगी पद न मिलने की वजह से है। उन्होंने कहा, "ऐसा कुछ भी नहीं और मैं सिर्फ जनता की बात कर रहा हूं। नाराजगी नहीं हैं, क्योंकि मैं मुद्दों के दम पर जुड़ा हूं।"
AAP का बिन्नी पर पलटवार
आम आदमी पार्टी ने बिन्नी की बगावत पर करारा पलटवार किया है। पत्रकार से नेता बने पार्टी के नेता आशुतोष ने कहा, "अगर कोई व्यक्ति अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए काम करना चाहता है, तो उसके लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।"
उन्होंने कहा, "मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन यह मैं पार्टी के सिद्धांत आपके सामने रख रहा हूं। हो सकता है कि दूसरी पार्टी के बहकावे में आकर ऐसा किया जा रहा है।"
पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा, "मैं इस वक्त उत्तराखंड दौरे पर आया हूं, इसलिए मामले की जानकारी नहीं है। लेकिन हमारी पार्टी ने 15 दिन में जितना काम किया है, उतना किसी ने नहीं किया। जब पहले हमारी बिन्नी से मुलाकात हुई थी, तो उन्होंने कहा था कि पद नहीं चाहिए। अगर वह आरोप लगा रहे हैं कि कथनी-करनी में फर्क आया है, तो उन्हें फर्क बताना भी चाहिए।"
कांग्रेस-भाजपा ने ली चुटकी
कांग्रेस महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा, "आम आदमी पार्टी को अब समझ आ रहा होगा कि कहने और कितने में क्या फर्क होता है। उनके अपने नेता यह बातें कह रहे हैं।"
भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा, "वैसे तो यह उनका आंतरिक मामला है, लेकिन कलेश सभी के सामने आ गया है। इसकी शुरुआत मल्लिका साराभाई से हुई, क्योंकि AAP में अलग-अलग तरह के लोग आए हैं, इसलिए मत नहीं मिलते। महत्वाकांक्षाएं ज्यादा हैं।"
गुप्ता ने कहा, "दिल्ली में सरकार बनाने के बाद आम आदमी पार्टी हिंदुस्तान पर आधिपत्य जमाना चाहती है। वह ट्वेंटी20 खेल रही है। बिन्नी ने खुलासा किया है, तो अब उनकी पार्टी उन्हीं पर हमला बोल रही है। हम तो यह कब से कह रहे थे। लेकिन बिन्नी अब तक स्वार्थी नहीं थे, आज स्वार्थी भी हो गए।"
पहले भी बवाल कर चुके हैं बिन्नी
विनोद कुमार बिन्नी और बवाल का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी वह पार्टी को मुश्किल में डाल चुके हैं। मंत्री पद की लिस्ट फाइनल होने पर उन्होंने खूब नाटक किया था।
वह बैठक से नाराज होकर निकल गए थे और योगेंद्र यादव जैसे वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने पहुंचे थे। लेकिन सुबह होते-होते उनका गुस्सा दूर हो गया। ऐसा कहा गया कि उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाया जाएगा, लेकिन वो पद भी नहीं मिला।
सूत्रों का कहना है कि बिन्नी यह सब इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पूर्वी दिल्ली से लोकसभा टिकट चाहिए जहां वह कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित नेता के खिलाफ उतरना चाहते हैं। लेकिन पार्टी ने साफ कर दिया है कि यह मुमकिन नहीं है, क्योंकि वह अभी विधायक चुनकर आए हैं और दूसरे नेताओं को मौका दिया जाना चाहिए।
अपने नेताओं से परेशान केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को कांग्रेस-भाजपा के साथ अपने नेताओं से भी जूझना पड़ रहा है। प्रशांत भूषण, सोमनाथ भारती, कुमार विश्वास और मल्लिका साराभाई के बाद अब इनमें बिन्नी का नाम भी जुड़ गया है।
कुमार विश्वास और मल्लिका साराभाई के बीच जहां तल्खी के अंदाज में बातें हो रही हैं, वहीं प्रशांत भूषण का कश्मीर पर दिया बयान विवाद बन गया है।
इसके अलावा मंगलवार को दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती एक पुराने मामले में फंसते दिखे, हालांकि केजरीवाल उनके बचाव में उतरे। अब नया बवाल बिन्नी ने मचा दिया है।
बिन्नी को अब टिकट चाहिएः केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने विनोद कुमार बिन्नी की बगावत का जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल पहले तो उन पर कुछ कहने से बचते रहे, लेकिन जब बोले, तो खुलकर बोले।
केजरीवाल ने कहा, "बिन्नी जो कह रहे हैं, उन्हें कहने दीजिए। पहले वो मंत्री पद के लिए आए थे, तो हमने मना कर दिया। उसके बाद वो लोकसभा का टिकट मांगने आए थे। लेकिन पार्टी ने फैसला किया है कि जो विधायक चुनकर आए हैं, उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, "मंगलवार शाम दिल्ली चुनावों में उतरे सभी 70 नेताओं की बैठक थी। हमने सभी से समस्या पूछी। अगर बिन्नी को कोई दिक्कत होती, तो उस बैठक में बोलते। वहां उन्होंने एक लाइन भी नहीं बोली। अगर वह कोई मुद्दा उठाएंगे, तो गौर किया जाएगा। मैं उनकी मंशा में नहीं पड़ना चाहता।"