टीम केजरीवाल के 5 विवादित बयान
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दिल्ली चुनाव में मिली 28 सीटों की जीत के बाद आम आदमी पार्टी पूरे देश में अपना जनाधार बढ़ाना चाह रही है, लेकिन उनके कई बयान आज भी सिरदर्द बने हुए हैं।
मुस्लिम तुष्टिकरण से लेकर जम्मू और कश्मीर में सेना की तैनाती को लेकर अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास, प्रशांत भूषण ने ऐसे-ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे समाज के एक वर्ग को तकलीफ हुई है। AAP के 5 ऐसे बयान, जो उनके समर्थकों को भी पचाने में दिक्कत आ रही है।
जम्मू-कश्मीर में सेना की तैनाती का सवाल
आम आदमी पार्टी के सदस्य प्रशांत भूषण ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जम्मू और कश्मीर में सेना की तैनाती के सवाल को लेकर राज्य के बाशिंदों के बीच जनमत संग्रह होना चाहिए।
भूषण के इस बयान की भी खूब आलोचना हुई। प्रशांत भूषण के इस बयान के बाद विशेषज्ञों ने यहां तक कह दिया कि उन्हें राज्य की जटिलता का अंदाजा नहीं है।
मनीष सिसोदिया दिलाएंगे डीयू में आरक्षण!
शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया दिल्ली यूनिवर्सिटी में दिल्ली के छात्रों के लिए 90 प्रतिशत आरक्षण की बात कह रहे हैं। यह बयान दिल्ली से बाहर के उन छात्रों को नागवार गुजरा है, जो इस केंद्रीय विश्वविद्यालय में पढ़ने की इच्छा रखते हैं।
हालांकि चुनाव से पहले बीजेपी ने भी इस तरीके का वादा किया था। इस बयान के बाद मनीष सिसोदिया का विरोध हो रहा है। दिल्ली में बाहर से पढ़ने आए छात्रों ने इस बयान पर उनका विरोध करना शुरू कर दिया है।
मुस्लिमों को लेकर कुमार विश्वास के बड़बोले बोल
खुद आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने कुमार विश्वास का कई बार विरोध किया है। कुमार विश्वास ने मुस्लिमों को लेकर ऐसा बयान दिया है कि दिल्ली विधानसभा में समर्थन देने वाले जेडीयू विधायक शोएब इकबाल ने समर्थन वापस लेने की धमकी तक दे डाली।
शोएब इकबाल ने कहा कि कुमार विश्वास ने ऐसा बयान देकर मुहर्रम का मजाक उड़ाया है। हालांकि, अरविंद केजरीवाल का कहना है कि इस बयान पर कुमार विश्वास पहले ही माफी मांग चुके हैं और इसे तूल नहीं देना चाहिए।
केजरीवाल ने कहा, बटला एनकाउंटर फर्जी था
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के बटला हाउस एनकाउंटर को फर्जी बताया था। हालांकि अब पुलिस ने इसके सारे टूटे तार जोड़कर यह कोर्ट में बता दिया है कि यह कोई फर्जी एनकाउंटर नहीं था।
अरविंद केजरीवाल पर इससे पहले भी मुस्लिमों का साथ देने का आरोप लगता रहा है। तस्लीमा नसरीन और अमेरिकी राष्ट्रपति पर फतवा जारी करने वाले मौलाना तौकीर रजा से केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के दौरान हाथ मिलाया था और उनसे चुनाव में प्रचार करने की गुजारिश की थी।
सरकारी बंगला से 10 कमरों के डूप्ले की किरकिरी!
दिल्ली के मुख्यमंत्री बन चुके अरविंद केजरीवाल ने पहले तो कह दिया कि वह सरकारी बंगला नहीं लेंगे, लेकिन उसके बाद वह 10 कमरों वाला डूप्ले लेने का तैयार हो गए।
हालांकि, मीडिया की रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने इसे लेने से ठुकरा दिया। इसके बावजूद उनके समर्थकों में इसको लेकर अब भी नाराजगी है। लोग तो अब यह भी कहने लगे हैं कि क्या अरविंद केजरीवाल केवल बातों के आम आदमी हैं?