आमिर ने वही कहा जो महसूस किया : ममता
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अपने बयान के कारण राजनेताओं, फिल्म इंडस्ट्री के साथियों और आम लोगों की कड़ी आलोचना झेल रहे आमिर खान को दीदी का साथ मिला है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि किसी के पास भी यह हक नहीं है कि वह किसी को देश छोड़ने या पाकिस्तान जाने के लिए कहे। यह देश सभी का है। सभी भारत के नागरिक हैं। इस दौरान उन्होंने हिंदूवादी समूहों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारत का संविधान अपने सभी नागरिकों को धर्म संबंधी अधिकार प्रदान करता है।
ऐसे में किसी के पास यह हक नहीं है कि वह केवल बीफ खाने के लिए किसी को मार दे। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से आयोजित अल्पसंख्यकों की एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने आमिर की आलोचना करने वालों को जमकर लताड़ा।
ममता के अनुसार, ‘इस देश में कोई भी उनके बारे में कुछ नहीं कह सकता। वे तय करेंगे कि हम क्या कहेंगे और क्या नहीं। आमिर ने जो महसूस किया और उनकी पत्नी ने उनसे जो कहा था, उन्होंने वही बात कह दी। अब उनसे देश छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। आप किसी को देश छोड़ने के लिए कहने वाले कौन होते हैं। यह देश सभी का है। यह हमारी मातृभूमि है।’
'सीबीआई का मेरे खिलाफ हो सकता है इस्तेमाल'
दीदी ने असहिष्णुता पर टिप्पणी के कारण कटु आलोचना का शिकार बने शाहरुख खान का भी बचाव किया। पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा कि उन्होंने आमिर की आलोचना की।
उन्होंने शाहरुख और एआर रहमान की भी आलोचना की। वे यह निर्णय करने वाले कौन होते हैं कि हम क्या कहेंगे और क्या खाएंगे। ममता ने आशंका जताई कि उनकी टिप्पणियों के कारण केंद्र सरकार उनके खिलाफ सीबीआई का इस्तेमाल कर सकती है।
आरोप लगाया कि मिथुन चक्रवर्ती को इसी तरह से डराया गया और तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद होने के बावजूद वह उनसे बात नहीं कर सकते। दीदी ने कहा कि सीबीआई को पीछे लगाकर उनका मुंह बंद नहीं किया जा सकता।
उन्होंने संप्रदायवाद के खिलाफ बोला है, इसलिए केंद्र चाहे तो उन्हें जेल में डाल सकता है। ममता ने धर्म और आतंकवाद को अलग-अलग नजरिए से देखने की भी बात कही है।
उनके मुताबिक हमें धर्म को आतंकवाद के साथ नहीं मिलाना चाहिए। आतंकवाद का कोई धर्म, जाति या संप्रदाय नहीं होता।