एनडीए में शामिल नहीं होंगी जयललिता
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तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने एनडीए में शामिल होने की जारी चर्चाओं के बीच समय आने पर देखने की बात कह फिलहाल अपना विकल्प खुला रखने के संकेत दिए हैं।
मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी से हुई बहुप्रतीक्षित मुलाकात में जया ने राज्य की ओर से 64 पेज के ज्ञापन के जरिए मांगों की सूची पकड़ा दी।
मुलाकात के बाद जयललिता ने एनडीए में तत्काल शामिल होने से इंकार करते हुए तमिलनाडु की मांग पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके मोदी राज्य की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझेंगे।
भाजपा की कोशिश अन्नाद्रमुक को एनडीए में शामिल कर राज्यसभा में अपनी स्थिति मजबूत करने की थी। माना जा रहा था कि इस मुलाकात के दौरान मोदी उन्हें एनडीए में शामिल होने का न्यौता देंगे। मगर जयललिता ने अभी अपने पत्ते नहीं खोल भाजपा नेतृत्व को अपनी माहिर सियासत का संदेश दिया है।
'मोदी को होगा राज्यों की परेशानी का अंदाजा'
इस चर्चित मुलाकात के दौरान जयललिता ने श्रीलंका में तमिलों के हितों की रक्षा सहित विभिन्न मुद्दों पर तो बातचीत की, साथ ही कावेरी जल विवाद का मामला भी उठाया।
मगर एनडीए में शामिल होने की संभावना से इनकार किया। हालांकि उन्होंने नई सरकार को समर्थन का विकल्प खुला रखा है। मुलाकात के बाद जयललिता ने कहा कि तमिलनाडु की जनता को नई सरकार से बहुत आशा है।
चूंकि खुद मोदी तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, उन्हें राज्य सरकारों की परेशानी का अंदाजा है। इसलिए खुद उन्हें उम्मीद है कि मोदी तमिलनाडु की समस्याओं पर खास ध्यान देंगे।