'सरकार लोगों को बताए कि आधार कार्ड जरूरी नहीं'
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आधार कार्ड के अनिवार्यता के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार को बताया कि आधार कार्ड को केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और एलपीजी जैसी सुविधाओं के साथ ही लिंक किया जा सकता है इसके अलावा किसी अन्य सामाजिक लाभ योजना में इसके प्रयोग की अनिवार्यता नहीं है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार के पास केवल सार्वजनिक वितरण प्रणालियों, विशेष वितरण प्रणालियों जिसमें खाद्य और केरोसिन तेल शामिल है के अलावा एलपीजी सब्सिडी के लिए ही इसका प्रयोग करने का अधिकार है।
कोर्ट ने सरकार को यह भी आदेश दिए कि वह प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से इस बड़े पैमाने पर प्रचार कर लोगों को यह बताए कि आधार कार्ड बनवाने की कोई अनिवार्यता नहीं है।
कोर्ट से लेनी होगी अनुमति
कोर्ट ने यह भी कहा कि कार्ड धारक की निजी जानकारी किसी भी कीमत पर किसी एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती। केवल आपराधिक मामलों की जांच के दौरान कोर्ट के आदेश के बाद ही ऐसी जानकारी हासिल की जा सकती है।
जस्टिस जे चेलामेश्वर की अध्यक्षता वाले तीन जजों की बेंच ने इस मुद्दे पर आतंरिक आदेश देते हुए इस मामले को संवैधानिक पीठ के पास इस बात का निर्णय करने के लिए भेज दिया कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार के तहत आता है या नहीं।
केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए इस मामले को बड़ी पीठ में भेजने पर जोर दिया। सरकार ने अपने दलिल में कहा कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकारों के अंतर्गत नहीं आता। उसने इसके समर्थन में सरकार ने कई अन्य मामलों का भी संदर्भ पेश किया।