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शहर में तबाही मचाने वाली लव स्टोरी का दुखद अंत

Fri, 05 Jul 2013 12:31 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 05 Jul 2013 12:31 PM IST
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a tragic end of e ilavarasan and divya nagarajan love story

पूरे तमिलनाडु को सुलगा देने वाली धर्मपुरी के ई इलावरसन और दिव्या नागराजन की लव स्टोरी का गुरुवार को दुखद अंत हो गया।

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ई इलावरसन का शव गुरुवार दोपहर धर्मपुरी सरकारी कॉलेज के पीछे रेल की पटरी पर मिला। ई इलावरसन की मौत की खबर से धर्मपुरी में तनाव है।

पुलिस का मानना है कि यह एक खुदकुशी का मामला हो सकता है। वहीं, स्थानीय स्टेशन प्रबंधक ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि दोपहर 12:55 बजे ई इलावरसन मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के सामने कूद गया।

तबाही मचाने वाली लव स्टोरी


घटना स्थल से पुलिस को एक मोटरसाइकिल, एक बैग और कुछ प्रेम पत्र मिले हैं, जिसे उसकी पत्नी दिव्या नागराजन ने पहले लिखा था।

गौरतलब है कि इस घटना से एक दिन पहले ही दिव्या ने मद्रास हाईकोर्ट के बाहर कहा था कि अब उसकी शादी का अंत हो चुका है। उसने ई इलावरसन से संबंधों को लेकर कोई भी बात करने से इंकार कर दिया था।
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लव स्टोरी

ई इलावरसन (20) ने पिछले साल अक्टूबर में अपने से दो साल बड़ी दिव्या नागराजन से ब्याह रचाया। वह दलित था और दिव्या वन्नियार जाति से, जो खुद को दलितों से ऊपर मानते हैं।
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यह शादी, शादी नहीं बरबादी का आगाज थी, जिसने पूरे राज्य को सुलगा दिया। युवती के पिता ने अपनी जान दे दी। साम्प्रदायिक दंगों की आग ने कई बेगुनाहों के घर उजाड़े। जातिगत सियासत का नंगा नाच हुआ। और आखिरकार पीएमके नेता एस रामदास जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए।

कई मुश्किलों के बावजूद यह मोहब्बत शादी के अंजाम तक पहुंची थी। लेकिन केवल सात महीने में प्रेम कहानी तार-तार हो गई। एक-दूसरे का होने की खातिर दुनिया को ठेंगे पर रखने वाला यह युगल अलग हो गया।

पिता नहीं, पति के साथ खड़ी हुई लड़की

7 नवंबर को पंचायत में बुजुर्गों ने फैसला किया कि दिव्या को घर लौटना होगा। लेकिन उसने अपने पति के साथ ही रहने का निर्णय लिया। उसी शाम अपनी बेटी के फैसले से नाराज और निराश पिता जी नागराज ने खुदकुशी कर ली।

इस मौत ने इलाके में दलितों के खिलाफ गुस्सा भड़का दिया। हिंसा हुई, वाहन जलाए गए, दलितों के घर फूंक दिए गए। कहानी यही नहीं रुकी। तनाव राज्य के दूसरे इलाकों तक भी पहुंच गया।

पीएमके ने जातिगत कार्ड खेला, जो वन्नियार की पार्टी मानी जाती है। हालात इतने बिगड़ गए कि पार्टी नेता गिरफ्तार कर जेल में डाल दिए गए। हिंसा जारी रही। दो लोग मारे गए और हाइवे पर गाड़ियों पर हमले होने से कई जख्मी हुए।

जल्द दरकने लगी यह प्रेम कहानी

यह हमला दिव्या और इलावरसन के रिश्ते पर भी हुआ। दिव्या 2 जून को अपनी मां के पास लौट गई। इलावरसन ने पुलिस में मामला दर्ज कराया।

एक मामले की सुनवाई के लिए दोनों पक्ष अदालत पहुंचे। जजों ने पूछा कि दिव्या मां के साथ रहना चाहती है या अपने पति के, तो उसने रोते हुए कहा कि उसकी मां बीमार और पिता की मौत के बाद अकेली है, इसलिए वह उसके साथ रहना चाहती है।

इलावरसन ने दिव्या से लौटने का आग्रह किया, लेकिन वह चुप रही। उसके करीबी लोगों का कहना है कि यह शादी अब खत्म हो चुकी है। आग्रह स्वीकार करते हुए अदालत ने दिव्या को मां के साथ जाने की इजाजत दे दी। दोनों तरफ के वकीलों ने उसकी सुरक्षा का इंतजाम करने की अपील की।


दिव्या के वकील के मुताबिक शादी रजिस्टर नहीं कराई गई थी, क्योंकि इलावरसन की उम्र 21 साल से कम है। कानूनी रूप से दोनों के बीच कोई रिश्ता नहीं है, इसलिए औपचारिक तलाक की जरूरत भी नहीं है।

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