राहुल के कार्यक्रम की ये है हकीकत
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आपको याद होगा कि बीते दिनों बेंगलुरु के प्रतिष्ठित माउंट कार्मेल स्कूल में बच्चों को संबोधित करने गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी खुद ही अपने सवालों में घिर गए थे।
उस कार्यक्रम के दौरान जब राहुल गांधी ने स्कूली बच्चों से पूछा कि क्या मेक इन इंडिया कार्यक्रम भारत में सही से कार्य कर रहा है? तो बच्चों ने जवाब दिया था कि हां मेक इन इंडिया कार्यक्रम भारत में सही से काम कर रहा है। इससे पहले राहुल गांधी ने स्कूली बच्चों ने पूछा था कि क्या स्वच्छ भारत अभियान सही से काम कर रहा है तब भी बच्चों ने कहा था कि हां स्वच्छ भारत अभियान काम कर रहा है।
इसके बाद मीडिया में खबरें चलने लगी और सोशल मीडिया पर #RahulStumped ट्रेंड करने लगा। इन सबसे आहत उसकी स्कूल की लड़की ने पूरे कार्यक्रम की सच्चाई अपने ब्लॉग पर बयां की है।(तस्वीर एलिक्सिर नाहर की)
मीडिया ने गलत ढंग से पेश किया
एलिक्सिर नाहर ने उस कार्यक्रम के बारे में अपने ब्लॉग पर लिखा है कि मीडिया ने इस पूरे कार्यक्रम को गलत ढ़ंग से पेश किया। एलिक्सिर नाहर ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि राहुल गांधी ने लड़कियों के संबंध में सामाजिक चलन की बात की।
उन्होंने हमें बताया कि कैसे सुंदर या दुबले जैसे शब्द मायने नहीं रखते और किस तरह से महिलाएं, मां, दादी और बहन के रुप में खास अहमियत रखती हैं।
एलिक्सिर ने कार्यक्रम की शाम को याद करते हुए लिखा है कि जिस तरह से राहुल ने बातचीत शुरु करने पर जोर दिया, वो बहुत अच्छा था।
नाहर ने लिखा है कि राहुल ने युवा कांग्रेस की भ्रष्टाचार की बात भी मानी है और इस बात का दुःख भी जताया कि सदन में संवाद घटता जा रहा है।
क्या हम पीआर के शिकार हैं?
एलिक्सिर के अनुसार, राहुल 2,500 लड़कियों के साथ बेहतर बातचीत करने में सफल थे लेकिन जब वे कार्यक्रम से बाहर निकली तो उन्हें यह अंदाजा हुआ कि किस तरह से कार्यक्रम के विशेष अंश को ही पूरे कार्यक्रम की हकीकत बताई जा रही है। उसने यह भी लिखा है कि यह बात खासा हैरान करने वाली थी कि इस कार्यक्रम के संबंध में पूरी मीडिया की राय भी एक थी।
नाहर ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह मीडिया द्वारा गलत किया गया। उसने लिखा है कि मैं यह सोचने पर मजबूर हूं कि क्या हम सब सिर्फ पीआर के शिकार ही हैं चाहे वो अच्छा हो या फिर बुरा?
नाहर ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि यह एक परिपक्व बातचीत थी जिसमें कुछ छात्राएं जहां राहुल से सहमत थीं तो कुछ असहमत। सबकी अपनी-अपनी राय होती है जो उनका चरित्र निर्माण भी करती है।
और सभी ने एक स्वर में कहा नहीं
उसने लिखा है कि राहुल ने पूंछा कि क्या आप को लगता है कि स्वच्छ भारत अभियान काम कर रहा है? हां और नहीं का मिश्रित जवाब छात्राओं की ओर से आया। छात्राओं ने जवाब दिया कि यह काम कर रहा है। जिस पर राहुल ने कहा ओके, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह काम कर रहा है।
फिर उन्होंने पूछा कि क्या आपको लगता है कि मेक इन इण्डिया काम कर रहा है? जिस पर फिर से हां और न का मिश्रित जवाब आया वहीं जब राहुल ने पूछा कि क्या आपको लगता है कि अधिक नौकरियां पैदा हो रही है? जिस पर सभी ने एक स्वर में कहा नहीं।
एलिक्सिर ने लिखा है कि उसे #RahulStumped और मीडिया में चल रही खबरें बहुत ही चौंकाने वाली लगीं। उसने लिखा है कि राहुल गांधी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और साहसी भी।