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अदालती कार्यवाही हिंदी में किए जाने पर केंद्र को नोटिस

Wed, 20 Aug 2014 12:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 20 Aug 2014 12:48 PM IST
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a plea on demand of hindi use in supreme court

उच्च न्यायपालिका की कार्यवाही हिंदी में किए जाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सर्वोच्च अदालत से याचिका में सरकार को इसके लिए संविधान में संशोधन करने का निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

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याचिका में अंग्रेजी को हटाकर राजभाषा को उच्च न्यायपालिका के कार्यालय की भाषा बनाए जाने की मांग की गई है। जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने अधिवक्ता शिव सागर तिवारी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई।
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साथ ही केंद्र को संविधान के अनुच्छेद 348 में संशोधन करने का निर्देश जारी करने की मांग पर सरकार से जवाब तलब किया।

'गुलामी की भाषा हटाई जाए'

a plea on demand of hindi use in supreme court

अनुच्छेद 348 कहता है कि सुप्रीम कोर्ट और सभी हाईकोर्ट में सभी कार्यवाही अंग्रेजी में की जानी चाहिए।

याचिकाकर्ता ने पीठ के समक्ष दलील दी कि उच्च न्यायपालिका की कार्यवाही में अंग्रेजी को कार्यालय की भाषा के तौर पर उपयोग किया जाना अंग्रेजी हुकूमत की विरासत है, जिसे हटाया जाना चाहिए।

याचिका में अंग्रेजी भाषा को गुलामी की भाषा करार दिया गया है और इसे हटाकर हिंदी को लाए जाने के लिए सरकार को निर्देश जारी करने की मांग की गई है। सर्वोच्च अदालत से याचिकाकर्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि सुप्रीम कोर्ट की भाषा भी अंग्रेजी नहीं, बल्कि राष्ट्र भाषा होनी चाहिए।

जो संविधान के अनुच्छेद 343 में परिभाषित किया गया है। अदालत इसके लिए सरकार को निर्देश जारी करे। पीठ ने याचिकाकर्ता की इन दलीलों पर केंद्र से जवाब तलब किया है।

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