'उमर ने कहा था मसर्रत को खत्म कर दो'
जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई के बाद आलोचनाओं का शिकार हो रही मुफ्ती सरकार के बाद अब नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर भी सनसनीखेज आरोप लगे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की अनुसार, एक न्यूज वेबसाइट ने बुधवार को एक रिपोर्ट प्रकाशित की जिसमें कहा गया है कि उस वक्त के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के पूर्व एसएसपी आशिक बुखारी को मसर्रत को गिरफ्तार करने पर 15 लाख रुपए का ईनाम दिया था। इतना ही नहीं उमर ने एसएसपी से मसर्रत को खत्म करने के लिए भी कहा था।
हालांकि वेबसाइट की इस रिपोर्ट पर नेशनल कांफ्रेंस ने कहा है कि ये आरोप बिल्कुल निराधार हैं और यह उनकी पार्टी की छवि खराब करने का कोशिश हैं। नेशलन कांफ्रेंस के प्रवक्ता जुनैद मट्टू ने कहा कि अगर ऐसी बात एसएसपी बुखारी की ओर से कही गई है तो वे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का विचार करेंगे।
वेबसाइट ने छापा एसएसपी का बयान
वेबसाइट authintmail.com ने अपने पास एसएसपी का बयान होने का दावा करते हुए छापा है कि एसएसपी ने कहा 'उनकी टीम को मसर्रत के बारे में जानकारी जुटाने में कई महीने लगे थे और इस काम के लिए काफी लोगों और तकनीकी खुफिया तंत्रों की मदद ली गई। लेकिन अंत में हमने मसर्रत की मां का फोन सर्विलांस में लगाया जिससे मसर्रत का हजरत बल इलाके में एक रिश्तेदार के घर पर होने की जानकारी मिली।'
एसएसपी ने कहा 'हमने मसर्रत को एक ईमानदार प्रयास और कड़ी मेहनत के कारण पकड़ सके। हमारी इस सफलता की मुख्यमंत्री(उमर अब्दुल्ला) ने तारीफ की और कहा कि इसे आप खत्म क्यों नहीं देते? इसे आपने अभी तक जिंदा क्यों रखा है? हालांकि उन्होंने हमें 10 लाख रुपए का ईनाम दिया जो डीजीपी के हाथों मिला।'
एसएसपी ने आगे कहा कि 'उमर अब्दुल्ला ने अपनी जेब से मुझे 15 लाख रुपए अलग से दिए। इसके अलावा इस ऑपरेशरन में लगे सात कर्मचारियों को एक प्रमोशन भी दिया गया।'
वहीं इस मसले पर एसएसपी बुखारी से मीडिया ने जब संपर्क किया तो उन्होंने का कि उनकी बात को गलत ढंग से पेश किया गया है। उन्होंने तो सिर्फ इतना कहा था कि मुख्यमंत्री ने उन्हें 15 लाख रुपए का ईनाम दिया था।