रोजी-रोटी के लिए बीजेपी प्रचार की गाड़ी चला रहा एक मुस्लिम
भले ही बीजेपी ने वडोदरा के 19 वार्डों में खड़े किए 76 उम्मीदवारों में किसी मुस्लिम उम्मीदवार को नहीं उतारा है, लेकिन एक मुस्लिम है जो बीजेपी के कैंपेन में लगा हुआ है। इस मुस्लिम का नाम है उवेश नूर मेमन, जो एक मोबाइल एलईडी वैन के ड्राइवर हैं।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक उवेश कहते हैं कि वे राजनीतिक रुचि से हटकर ये सब सिर्फ बिजनेस के लिए कर रहे हैं। मेमन कहते हैं कि वीडियो से मुस्लिम समुदाय के लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता है।
मेमन अपनी वैन सड़क के किनारे वहां खड़ी करते हैं, जहां पर जीवन भारती स्कूल है। यह वहीं स्कूल है, जहां से करीब साल भर पहले 18 नवंबर को कल्याणनगर के बहुत से मुस्लिम परिवारों के बच्चों को निकाल दिया गया था, जब उनके घर वडोदरा नगर निगम ने तोड़ दिए थे।
मुस्लिम बहुल इलाकों की हालत खराब
वडोदरा के वाडी मुहल्ले में रहने वाले मेमन कहते हैं कि सभी को पता है कल्याणनगर में क्या हुआ था। अब वहां वडोदरा नगर निगम चुनावों को लेकर कोई उत्साह नहीं है।
मेमन कहते हैं कि एक बार अगर उस जगह पर जाया जाए, जहां मुस्लिम समुदाय के लोग रह रहे हैं तो उस जगह और शहर के विकसित हिस्सों में फर्क कोई भी देख सकता है।
मेमन ने कहा कि वह सिर्फ बिजनेस कर रहे हैं। वह बीजेपी या किसी अन्य पार्टी के लिए प्रचार नहीं कर रहे हैं। वे बोले कि वह सिर्फ अपने ग्राहक को एलईडी के जरिए विज्ञापन दिखाने की सेवा मुहैया करा रहे हैं।
हो रही है पैसे की राजनीति
मेमन बोले कि जहां वे रहते हैं, उन गलियों से बीजेपी का प्रचार करती हुई एलई़डी वैन को लेकर गुजरना काफी शर्मिंदा करने वाला है, क्योंकि बीजेपी ने अपने चुनावी कैंपेन में उस मुहल्ले को नजरअंदाज कर दिया था।
मेमन का कहना है कि राजनीतिक पार्टियां केवल अपने हित के बारे में सोचती हैं। चुनाव अब पैसों पर आधारित हो गया है, जिसके पास अधिक पैसा, उसके पास अधिक ताकत। वे बोले कि इसीलिए वह भी सिर्फ अपना बिजनेस ईमानदारी से चला रहे हैं। उन्हें कोई परवाह नहीं है कि उनका ग्राहक कौन है।