नहीं करा पाई इलाज, तो बच्चे को दे दिया गोद
मुफलिसी की मारी मां ने दिल पर पत्थर रखकर अपने जिगर का टुकड़ा सिर्फ इसलिए गोद दे दिया, क्योंकि वह उसका इलाज नहीं करा पा रही थी। उसके लिए उसने पायजेब तक बेच डाली, फिर भी पैसे कम पड़े, तो अपने दो माह के अरमान से भगवती की सूनी गोद भर दी।
लेकिन पड़ोसियों ने उस पर एक लाख रुपये में बच्चा बेचने का इल्जाम लगाकर उसे सिकंदरा थाने पहुंचा दिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।आवास विकास के सेक्टर 16 में खाली पड़े सरकारी आवासों में शरण लेकर रह रही शबनम का पति शाहरुख कूड़ा बीनने का काम करता है।
एक तो आमदनी कम, ऊपर से शाहरुख को दारू की लत। रोटियों तक के लाले हैं। उसकी हालत देखकर लखनपुर के ऑटो चालक हरेंद्र सिंह ने उससे दो साल पहले अपनी रुदावल (भरतपुर) में रहने वाली अपनी बहन भगवती और बहनोई गंगादास के लिए बच्चा पैदा करने के लिए कहा। शबनम पहले लखनपुर ही रहती थी। भगवती की गोद सूनी थी।
और मजबूर हो गई मां
वंश चलाने के लिए ढाई बीघा जमीन के मालिक गंगादास बच्चा गोद लेना चाहते थे।
शबनम ने जन्म दिया बेटी को। नाम रखा, शिफा। उसने बच्ची देने से उसने मना
कर दिया। बोली, बेटी नहीं दूंगी, बेटा होता, तो दे देती। तब गंगादास ने भी
जोर नहीं डाला।
दो महीने पहले उसे बेटा हुआ, नाम रखा अरमान। भगवती
ने उससे बच्चा गोद मांगा। शबनम इस बार भी राजी नहीं थी लेकिन अरमान बीमार
पड़ गया। शबनम पाई-पाई के लिए मोहताज थी। पायजेब बेचकर दवाई का इंतजाम
किया, लेकिन अरमान स्वस्थ न हुआ तो दिल पर पत्थर रखने के लिए मजबूर हो गई।
उसने
अपने घर के चिराग से भगवती का घर रोशन कर दिया। उधर शुक्रवार सुबह
पड़ोसियों ने थाना पर फोन करके कह दिया कि उसने एक लाख में बच्चा बेचा है।
इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाना बुला लिया।