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मोदी की तारीफ से बढ़ी राजमिस्त्री की मुश्किल, सरपंच भी परेशान

Tue, 29 Dec 2015 01:03 PM IST
Updated Tue, 29 Dec 2015 01:03 PM IST
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a mason in madhya pradesh gets modis praise for something he never said

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को ‘मन की बात’ में मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भोजपुरा गांव के एक राजमिस्त्री दिलीप सिंह मालवीय का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि दिलीप सिंह ने अपने गांव में मजदूरी लिए बगैर मुफ्त में शौचालय निर्माण करने की पहल की है। प्रधानमंत्री ने दिलीप सिंह की खूब तारीफ की।

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हालांकि मोदी की इन्हीं बातों ने दिलीप सिंह के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। बिना मजदूरी लिए काम करने का दावा 71 वर्षीय राजमिस्त्री दिलीप सिंह के लिए परेशानी भरा है।
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दिलीप सिंह ने कभी नहीं कहा कि वे शौचालय बनाने के लिए मजदूरी नहीं लेंगे। प्रधानमंत्री ने दिलीप सिंह का जिक्र ऐसी बाद के लिए कर दिया, जिसे उन्होंने कभी कहा ही नहीं।
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(फोटो-इंडियन एक्सप्रेस से साभार)

शौचालय बनवाने के लिए सरकार देती है 12 हजार रुपए

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दिलीप सिंह ने ग्रामीणों से केवल ये वादा किया था कि वे अपनी मजदूरी तभी लेंगे, जब तक की शौचालय बनवाने के लिए सरकार की ओर से दी जा रही रकम उनके खाते में नहीं आ जाती। दिलीप सिंह आठ बच्चों के पिता है।

स्वच्‍छ भारत अभियान के तहत शौचलय बनवाने के लिए प्रत्येक घर को सरकार 12 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देती है। हालांकि ये रकम तभी ‌मिलती है, जब लाभान्वित व्यक्ति इस बात का प्रमाण दे देता है कि वो शौचालय बनवा चुका है। प्रमाण के रूप में आम तौर पर लोग शौचालय के साथ अपनी फोटो खिंचवाकर जिला पंचायत में जमा कराते हैं। एक शौचालय बनवाने में दो या तीन दिन लगते हैं।

मन की बात कार्यक्रम में अपना जिक्र आने पर दिलीप सिंह का कहते हैं, "देश के राजा हैं, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।'' हालांकि उसी के बाद वे ये भी कहते हैं कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं कहा मुझे मजदूरी मत दो। मैंने केवल ये कहा कि जब आपको पैसे मिल जाएं तब पैसे दे दो।

सरपंच ने कहा, पीएम ने मेरे बार में भी की गलत बात

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दिलीप ‌सिंह ने कहा, ''मुझे भी अपने परिवार का पेट पालना है। मेरी एक एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। कुछ लोगों ने मुझे मजदूरी देदी है, कुछ को देना है।" दिलीप सिंह के पांच बेटियों और एक बेटे की शादी हो चुकी है। फिलहाल वे अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते हैं। उनके घर में न पंखा है और न टीवी।

गांव में बने 53 शौचालयों में से 27 दिलीप सिंह ने ही बनाए हैं और उनका कहना है कि शेष उनकी देखरेख में बने हैं। भोजपुरा गांव मोहनपुर लेंडी ग्राम पंचायत के तहत आता है। मोहनपुर लेंडी ग्राम पंचायत में कुल चार गांव हैं और इन गांवों में पिछले महीने तक 253 शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है।

गांव के सरपंच सुरेश वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिलीप सिंह के बारे में जो भी कहा, वह गलत रिपोर्टिंग का नतीजा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में दावा किया हमारी पंचायत में लोग खुले में शौच करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरपंच भी खुले में शौच में जाता है, जबकि मेरे घर में दो शौचालय हैं।

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