दस सालों से हो रही भारत की जासूसी, चीन उठाता है इसका खर्चा
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एक साइबर सिक्योरिटी समूह ने भारत और चीन से जुड़ा एक सनसनीखेज खुलासा किया है। साइबर सिक्योरिटी प्रोवाइडर फायरआई के अनुसार एपीटी30 नाम का एक ग्रुप पिछले करीब 10 सालों से भारत के शासकीय कम्प्यूटरों की जासूसी कर रहा है।
फायरआई के अनुसार एपीटी30 समूह चीन की तरफ से प्रायोजित एक समूह है। यह ग्रुप भारत के सरकारी तंत्र के कम्प्यूटरों में जासूसी कर रहा है। साथ ही, वह ऐसे नेटवर्क में भी हैकिंग कर रहा है जो किसी साधारण इंटरनेट नेटवर्क के जरिए इस्तेमाल नहीं किए जा सकते हैं।
फायरआई ने यह भी आशंका जताई है कि हैकर्स चीन से भारत पर साइबर हमले कर रहे हैं। भारत के शोधकर्ताओं ने भी भारतीय संस्थाओं में एपीटी30 की संदिग्ध गतिविधियों की बात कही थी।
चीन ने नकारे आरोप
फायरआई ने दावा किया है कि उसके कुछ भारतीय ग्राहकों के कम्प्यूटर नेटवर्क पर एपीटी30 मालवेयर के अलर्ट भी आ रहे हैं। इन ग्राहकों में इंडियन एयरोस्पेस, डिफेंस कंपनी और एक भारतीय टेलीकम्यूनिकेशन फर्म है।
फायरआई ने कहा है कि जिस तरह से पिछले एक दशक से इस तरह के ग्रुप साइबर हमले कर रहे हैं, उससे लगता है कि यह सारी गतिविधियां प्रायोजित हैं। फायरआई ने इसका पहला शक चीन पर जताया है।
हालांकि, चीन ने इन आरोपों को नकार दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग ली के अनुसार साइबर हमले होना एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है और चीन ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करता है।