सहारनपुर: मनचलों के आतंक से छात्रा ने छोड़ी पढ़ाई
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वो पढ़ लिखकर कुछ बनना चाहती है। माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती है, लेकिन मनचलों की रोज-रोज की हरकत उसके सामने पहाड़ बन कर खड़ी हो गई। पुलिस से बार-बार फरियादें की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
मजबूर होकर छात्रा को पढ़ाई छोड़नी पड़ गई। गरीब मां-बाप बेबस और आहत हैं। मनचलों द्वारा दी जा रही धमकियों से परिवार में दहशत है। क्या पुलिस दिल्ली में हुए निर्भया कांड जैसी घटना का इंतजार कर रही है।
नगर क्षेत्र के गलीरा रोड से सटी कॉलोनी में रहने वाली युवती नवीननगर स्थित एसडी कन्या इंटर कॉलेज की 11वीं की छात्रा है। 24 जुलाई 2015 को जब वह कॉलेज जा रही थी तो ग्रीन फील्ड स्कूल के पास पल्सर बाइक सवार युवकों ने उसे रोक लिया।
इतना ही नहीं मनचले युवकों ने उसके साथ जबरदस्ती करने की भी कोशिश की। जब छात्रा ने उनकी हरकत का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। साथ ही किसी को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने और परिवार को परेशान कर देने की धमकी दी गई।
एसडी इंटर कॉलेज की छात्रा का मामला
डरी सहमी छात्रा तुरंत अपने घर लौटी और परिजनों को पूरा वाकया बताया। घटना से आहत और डरे हुए मां-बाप तुरंत शिकायत लेकर थाना सदर बाजार कोतवाली पुलिस के पास पहुंचे। उन्होंने मनचलों को सबक सिखाए जाने की उम्मीद से पुलिस को लिखित में की शिकायत की।
पुलिस ने रिपोर्ट तो ले ली, लेकिन मनचलों की धरपकड़ के लिए कदम कोई नहीं उठाया। इसके बाद छात्रा फिर से कॉलेज जाने लगी। दो-चार दिन तक मनचले गायब रहे, लेकिन कुछ दिन बाद फिर मनचलों ने उसके रास्ते में बाइक लगा दी।
ऐसे में छात्रा की दहशत और बढ़ गई। उसने फिर अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने फिर पुलिस से संपर्क किया। उम्मीद थी कि इस बार पुलिस जरूर कुछ करेगी, लेकिन नहीं उनका अंदाजा गलत था। लिहाजा मनचलों की हरकत बढ़ती गई।
वर्तमान में छात्रा मनचलों के आतंक से परेशान होकर और किसी अनहोनी के खौफ में पढ़ाई छोड़कर घर बैठी है, जिसके लिए मनचलों के साथ ही पुलिस की निष्क्रियता भी जिम्मेदार है। बेटी के पढ़ाई छोड़कर घर बैठ जाने से परिजन खासकर मां-बाप बेहद परेशान हैं।
परिवार में दहशत का माहौल
छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में काफी होनहार है। वह बेटी को आगे तक पढ़ाना चाहते हैं, ताकि वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके। मगर, मनचलों के आतंक ने उन्हें बेबस कर दिया है। मनचलों के खौफ से बेटी कॉलेज तो दूर की बात घर से बाहर कदम रखते भी डरती है। ऐसे में उनके परिवार में दहशत बनी हुई है।
बाइक बदलकर आते हैं मनचले
परिजनों ने बताया कि मनचले लगातार नहीं आते वह कई दिन का गैप लेकर आते हैं और हर बार बाइक बदलकर और बिना नंबर की बाइक लेकर आते हैं। ताकि कोई बाइक का नंबर नोट न कर सके। ऐसे में मनचलों से खुद निपट पाना उनके लिए संभव नहीं हो रहा है।
निर्भया केस से नहीं सबक ले रही पुलिस
एक ओर दिल्ली के चर्चित निर्भया मामले में नाबालिग दोषी को रिहा किए जाने से लोग आहत हैं, वहीं सहारनपुर की पुलिस ऐसी घटनाओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। लगातार मनचलों के डर से छात्राओं का स्कूल और कॉलेज छोड़ना जारी है।
यदि पुलिस ने कठोर कदम नहीं उठाए तो सहारनपुर में भी निर्भया जैसी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही समाज को भी बेटियों के प्रति अपनी सोच में बदलाव करना होगा।
एसएसपी आरपीएस यादव ने बताया कि असामाजिक तत्वों के डर से छात्रा के पढ़ाई छोड़ने का मामला गंभीर है। यदि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया है तो इस संबंध में संबंधित थाने से जवाब मांगा जाएगा। किसी भी व्यक्ति को माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। जल्द ही मनचलों को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।