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पुलिस वैन में पैदा हुई एक नन्ही परी

Fri, 13 Sep 2013 11:52 AM IST
दिल्ली
दिल्ली Updated Fri, 13 Sep 2013 11:52 AM IST
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a girl child born in delhi police pcr van
अक्सर लोग पुलिस वैन के नजदीक आने से खौफ में आ जाते हैं लेकिन दिल्ली में पुलिस वैन एक परिवार के लिए जिंदगी और खुशियां लेकर आई।
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ये वाकया दिल्ली में रहने वाली नौ माह की गर्भवती महिला सूरजमुखी के साथ हुआ।

उत्तरी दिल्ली के अमन विहार में रहने वाली गर्भवती महिला सूरजमुखी को बुधवार की रात लेबर पेन शुरू हो गया।

महिला के पति प्रदीप और उसकी सास ने उसको अस्पताल ले जाने का निर्णय किया।

अपने घर से अपनी गाड़ी लेकर निकले प्रदीप बमुश्किल 1 किलोमीटर ही का सफर तय किया होगा कि उनकी कार खराब हो गई।

प्रदीप के मुताबिक उसकी पत्नी की तबीयत खराब होने लगी। उसकी हालत देखकर मैं एकदम डर सा गया।

अपनी कार से बाहर आकर में ऑटो कैब को ढूंढने लगा। पर उस समय कोई भी कैब नहीं मिल सकी।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक प्रदीप बताते हैं कि सूरज की तबीयत खराब होती देख उन्होंने अपनी मां से सूरज के तलवों को मलने के लिए कहा।

करीब 15 मिनट तक कई लोगों से लिफ्ट मांगी पर किसी ने भी लिफ्ट नहीं दी।

थोड़ी देर बाद एक पुलिस की पीसीआर वैन वहां पर आई। पीसीआर वैन के लोगों ने पूछा कि इस समय वे वहां क्या कर रहे हैं।

प्रदीप ने पुलिस को सारे वाकये से मुखातिब कराया।

पीसीआर वैन के कांस्टेबल ने तुरंत अपनी पीसीआर वैन से स्ट्रेचर निकाला और सूरज को स्ट्रेचर में रखकर पीसीआर वैन में पहुंचा दिया।

पीसीआर वैन के ड्राइवर कांस्टेबल हरीश ने अपनी पीसीआर वैन का एक्सीलेटर बढ़ा दिया।

प्रदीप बताते हैं कि वे सभी संशय में थे कि समय से अस्पताल पहुंच पाएंगे कि नहीं।

पीसीआर वैन के गनमैन अमनदीप और हेड कांस्टेबल लक्ष्मण ने उसी समय गर्म पानी और साफ कपड़ों का इंतजाम किया।

सूरजमुखी की मां ने अपनी बहू की डिलीवरी की और बाकी सबने उनकी मदद की।

गनमैन अमनदीप ने प्रदीप को भी संभाला और परेशान न होने के लिए कहा।

दस मिनट के बाद ही पीसीआर वैन के अंदर एक नन्ही मुन्नी परी की आवाज गूंजने लगी।

प्रदीप ने कहा कि पीसीआर स्टॉफ ने जो हमारी मदद की है। उसका एहसान नहीं उतारा जा सकता है।

प्रदीप ने कहा कि अगर समय पर पीसीआर स्टॉफ हमारी मदद न करता तो शायद कुछ और ही होता।

मैंने अपनी पत्नी से कह दिया कि हम अपनी बेटी का नाम भी कुछ ऐसा ही रखेंगे।

क्योंकि वह पहली बच्ची है जो पुलिस के पीसीआर वैन में पैदा हुई है।
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