फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   a fetus came out of the belly of a man

युवक के पेट से निकला भ्रूण, 18 साल से पनप रहा था

Tue, 05 Jan 2016 08:41 AM IST
Updated Tue, 05 Jan 2016 08:41 AM IST
विज्ञापन
a fetus came out of the belly of a man

संगम नगरी के एक युवक के पेट में भ्रूण विकसित हो जाने का मामला सामने आया है। डॉक्टरों ने सर्जरी के जरिये युवक के पेट से उस अविकसित बच्चे को बाहर निकाल लिया है। मेडिकल साइंस के क्षेत्र में ऐसी बीमारी को ‘फिटस इन फिटू’ का नाम दिया गया है।

विज्ञापन


दुनिया में अब तक ऐसे गिने-चुने मामले ही सामने आए हैं। इससे पूर्व 1999 में नागपुर के 36 वर्षीय एक युवक के साथ ऐसी घटना हुई थी। मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल में उस युवक के पेट से अविकसित बच्चा निकाला गया था।
विज्ञापन


झलवा के पास स्थित ग्राम हरियमपुर, पोस्ट बीखपुर के रहने वाले 18 वर्षीय नरेंद्र कुमार के पेट से अविकसित बच्चा निकाला गया। उसकी सर्जरी करने वाले डॉ. राजीव का दावा है कि नरेंद्र जब अपनी मां के गर्भ में था, उसी वक्त मां के गर्भ में एक और भ्रूण बन गया जो नरेंद्र का जुड़वा था लेकिन ‘फिटस इन फिटू’ बीमारी के कारण दूसरा भ्रूण नरेंद्र के पेट में चला गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

पेट दर्द और उल्टी की थी शिकायत

a fetus came out of the belly of a man

जन्म के दौरान नरेंद्र के पेट के बाईं ओर सूजन थी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। 18 साल की आयु तक नरेंद्र को अक्सर पेट दर्द, उल्टी की शिकायत रही। वह कई बार डॉक्टरों को के पास गया लेकिन पेट में विकसित हो रहे बच्चे को चिह्नित नहीं किया जा सका।

इसके बाद वह शहर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित नारायण स्वरूप हॉस्पिटल पहुंचा। पहले उसका एक्सरे हुआ और फिर सीटी स्कैन कराया गया। इससे नरेंद्र के पेट में विकिसित हो रहे बच्चे की पहचान हुई।

जांच के दौरान अविकसित बच्चे का सिर, दांत, रीढ़ की हड्डियां, सीने की हड्डियां, दो फिट तक लंबे बालों का गुच्छा पाया गया। डॉ. राजीव सिंह, डॉ. सोनिया सिंह, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. कमल सिंह ने मिलकर सर्जरी के जरिये युवक के पेट से उस अविकसित बच्चे को बाहर निकाला।

नरेंद्र की हालत अब ठीक है। डॉ. राजीव का दावा है कि चिकित्सा जगत में इस तरह की घटनाएं बहुत की कम हुआ करती हैं। उनके मुताबिक दुनिया में अब तक इस तरह के कुल 90 मामले सामने आए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed