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बेटी और दो कुत्तों के शव के साथ महीनों से रह रहा था एक शख्स

Fri, 12 Jun 2015 10:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 12 Jun 2015 10:39 PM IST
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a father live with skelton of his daughter and two dogs

कोलकाता में ऐसा मामला सामने आया है जिसे जान कर आप चौंक जाएंगे। एक 70 वर्षीय पिता घर में अपनी बड़ी बेटी और दो कुत्तों के शव के साथ रह रहा था। पिछले कुछ महीनों में तीनों शव कंकाल में तब्दील हो गए थे। घर में उसका बेटा भी उसके साथ रहता था।

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70 वर्षीय अरबिन्द डे कोलकात के रॉबिन्सन स्ट्रीट पर रहते थे। पुलिस को इस मामले का पता तब चला जब अरबिन्द ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस वहां गई तो थी अरबिन्द के मामले की छानबीन करने लेकिन वहां कई और राज खुल गए।
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अरबिन्द के बेटे पार्थ ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन देबजनी पिछले साल 29 दिसम्बर को ही मर गई थी और दोनों कुत्ते सितम्बर में मरे थे। तीनों कंकाल पुलिस को पार्थ के कमरे में ही मिले।
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कमरे में पड़े थे हड्डियों के ढेर

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पार्थ के मुताबिक उसकी बहन ने घर से बुरी आत्माओं को दूर करने के लिए व्रत रखना शुरु किया। उसने पूरे एक महीने तक व्रत रखा और दिसंबर में उसकी मौत हो गई।

डीसीपी मुरलीधर ने बताया कि जब वो पार्थ कमरे में गए तो उन्हें ऐसा लगा कि न जाने कितने दिनों से वहां धूल जमीं पड़ी है। बेड के कोने में 50-60 हड्डियों के ढेर पड़े हुए थे।

उनके पास केक और पेस्ट्री भी रखी हुई थी। उन्होंने बताया कि वहीं करीब में ही कंकाल के साथ एक और छोटा बेड रखा हुआ था जो कंबल से ढका हुआ था। बेड के आगे वाले हिस्से पर कुछ खिलौने भी रखे हुए थे।

मृत बहन और कुत्तों को खाना खिलाता था पार्थ

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संयुक्त कमिश्नर (अपराध) पल्लब कांति घोष ने बताया कि पार्थ की आदत थी कि वो अपनी मृत बहन और कुत्तों को हर रोज खाना खिलाता था। उसने घर की खिड़कियों के साथ साथ सारे दरवाजे बंद कर रखे थे ताकि लाशों की बदबू कमरे के बाहर न जाए।

पार्थ ने पुलिस को बताया कि उसका पिता बहन के मृत शरीर को घर में ही रखना चाहता था लेकिन उसने कई बार उन्हें मनाने की कोशिश की मगर वो नहीं माने।

जांच में पता चला है पार्थ 2007 में अपनी मां की मौत के बाद अमेरिका से वापस चला आया था जहां वो टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में काम करता था। पार्थ की बहन ने भी उसी समय अपनी म्यूजिक टीचर की जॉब छोड़ दी थी।

घर से नहीं निकलता था कोई बाहर

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पुलिस को पार्थ के घर से कई आधायात्मिक पुस्तकें मिली है। पार्थ ने अपने घर में एक ऑडियो सिस्टम भी लगा रखा था जिसमें हमेशा इसाई धर्म के प्रचार चलते थे। पार्थ के रिश्तेदारों ने बताया कि बीते 11 मई को वो उसके घर में एक बर्थ डे पार्टी में गए थे लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।

पार्थ के पड़ोसी ने कहा कि इनके घर से हमारे रिश्ते अच्छे नहीं थे लेकिन कुछ दिन पहले से हम इनसे बातचीत करने लगे। पार्थ के पड़ोसियों का कहना था कि वो बहुत ही अकेला रहता था और अपनी मां की मौत के बाद वो और भी ज्यादा बदल गया था।

उन्होंने बताया कि हम इनके घर से कुत्तों के भौकने की आवाज तो सुनते थे लेकिन कभी कुत्तों को देखा नहीं। पुलिस ने कहा कि हमें इनके घर से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं जिसमें से अधिकतर फोन, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और खाने वालों को किए गए थे।

पार्थ को भेजा गया अस्पताल

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इलाके के सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि यह परिवार बहुत ज्यादा सामाजिक नहीं था। खाना बनाने के लिए एक महिला आती थी और फिर चली जाती थी।

पार्थ को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गाया है। इसके खिलाफ धारा 270 ( बीमारी फैलाने और लोगों का जीवन खतरे में डालने के लिए) और धारा 176 ( अधिकारियों को विषय के बारे में जानकारी न देने) के तहत केस दर्ज किया गया है।

वहीं पुलिस को पार्थ के पिता का सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने लिखा है कि वो कुछ दिनों से मरने की तैयारी कर रहा है। पुलिस ने उसकी बॉडी पोस्ट मॉर्टम के लिए भेज दी है।

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