डीजीसीए के एक फैसले का शुरू हुआ विरोध
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विमानन कंपनियों को हवाई अड्डों तथा विमानों में स्वच्छता मुहिम के लिए यात्रियों से शुल्क लेने के नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के निर्देश की आलोचना करते हुए हवाई यात्रियों के संगठन ने विमानन मंत्रालय से इस आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया है।
नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू को लिखे पत्र में भारतीय हवाई यात्री संगठन (एपीएआई) ने यह भी सुझाव दिया कि यात्री सेवा शुल्क 10 से 25 रुपये तक बढ़ाकर इस प्रकार का कोष जुटाया जा सकता है।
एपीआई के अध्यक्ष डी. सुधाकर रेड्डी ने पत्र में कहा कि हमारा मानना है कि हवाई अड्डों को अतिरिक्त शुल्क के रूप में यात्री सेवा शुल्क के रूप में 10, 15 या 25 रुपये वसूलने को कहा जा सकता है।
नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखा पत्र
यह राशि कई करोड़ हो सकती है और यात्रियों को बिना कोई कष्ट दिए इसे वसूली जा सकती है। उन्होंने कहा कि एक-दो को छोड़कर सभी विमानन कंपनियां घाटे में चल रही है। उन्हें पिछले सात साल में 10.6 अरब डालर का नुकसान हुआ है।
रेड्डी ने सवालिया लहजे में पूछा है कि जब एयरलाइंस अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है तो क्या उन्हें इस मुहिम में शामिल होने का निर्देश देना उचित है।
उन्होंने कहा है कि इस प्रकार का कोष जुटाने का बेहतर तरीका हवाई अड्डे हैं। उनसे इस तरह का कोष जुटाने को कहा जा सकता है।