नेट न्यूट्रलिटी पर हरकत में आई सरकार, कमेटी बनी
सभी उपभोक्ताओं को इंटरनेट की समान पहुंच देने के लिए सरकार ने नेट न्यूट्रलिटी मामले की पड़ताल के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी अगले एक माह में अपनी रिपोर्ट देगी। नेट न्यूट्रलिटीको लेकर भारतीय दूरसंचार नियामक आयोग (ट्राई) ने स्टेकहोल्डर्स से राय मांगने के लिए मसौदा जारी किया है।
ट्राई ने इस मसौदे में कहा है कि उसे उपभोक्ता और टेलीकॉम कंपनियों दोनों का हित देखना है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि टेलीकॉम कंपनियां नेट न्यूट्रलिटी को समाप्त करना चाहती है ताकि उनकी कमाई बढ़ सके। अभी नेट सेवा लेने के बाद उपभोक्ता किसी भी साइट पर जा सकता है, लेकिन टेलीकॉम कंपनियां इसके पक्ष में नहीं है।
इसमें बदलाव के लिए ट्राई ने मसौदा जारी किया है। लेकिन उपभोक्ता वर्तमान स्थिति के पक्ष में है। इसलिए ट्राई को पिछले सात दिनों में 50 हजार मेल उपभोक्ताओं की तरफ से मिले है जिससे यह मामला तूल पकड़ लिया।
'एयरटेल जीरो का नेट न्यूट्रलिटी से कुछ भी लेना-देना नहीं'
मामले को तूल पकड़ता देख केंद्रीय संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कमेटी गठित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ट्राई सलाहकार समूह है और निश्चित रूप से ट्राई की सलाह का सम्मान किया जाना चाहिए और उसका हमें इंतजार है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि नेट न्यूट्रलिटी के तहत न तो किसी उपभोक्ता को न ही किसी कंपनी को भुगतान के आधार पर कोई प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस मामले पर मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई है। मई के दूसरे सप्ताह में कमेटी की रिपोर्ट आ सकती है।
एयरटेल जीरो मुफ्त मार्केटिंग प्लेटफार्मः एयरटेल ने कहा है कि एयरटेल जीरो का नेट न्यूट्रलिटी से कुछ भी लेना-देना नहीं है। एयरटेल जीरो के लांच के बाद इसे नेट न्यूट्रलिटी से जोड़कर देखा जाने लगा है और इस पर बहस शुरू हो गई है। कंपनी ने कहा है कि एयरटेल जीरो एक मुक्त मार्केटिंग प्लेटफार्म है, जिसकी मदद से ग्राहक बिना किसी लागत के मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकेंगे। एयरटेल जीरो सभी ग्राहकों के लिए मुफ्त है और यह सभी मार्केटिंग कंपनियों के लिए भी मुफ्त है।