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जमीन और आकाश के बाद अब समुद्र में भी बड़ा घोटाला
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 25 Sep 2012 11:09 AM IST
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2 जी स्पेक्ट्रम और कोल ब्लॉक आवंटन की धांधलियों के बाद अब समु्द्र में भी घोटाले की खबर है। यह घोटाला बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में खनिज संपदा की खोज के लिए आवंटित ब्लॉकों में किया गया है। बताया जा रहा है कि पिछले साल समुद्र में खनिजों की खोज के लिए आवंटित 62 ब्लॉकों में से 28 एक ही परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को दे दिया गया। ये कंपनियां राजस्व सेवा से जुड़े एक पूर्व अफसर के परिजनों की हैं। सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिक जांच रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक, ये चारों कंपनियां आवंटन की शर्तें पूरी नहीं करती थीं इसके बावजूद इन्हें ब्लॉक दिए गए। सीबीआई ने जांच में ये पाया है कि इन कंपनियों के मालिकों के हथियारों के दलाल अभिषेक वर्मा से भी संबंध हैं। सीबीआई ने प्रारंभिक जांच में नागपुर स्थित केंद्रीय खनन ब्यूरो और केंद्रीय खान मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है। साथ ही चारों कंपनियों और उनके निदेशकों को भी आरोपी बनाया गया है।
पिछले साल आवंटित किए गए थे खनिज ब्लॉक
समुद्र के भीतर मौजूद खनिज संपदा को निकालने के लिए खान मंत्रालय ने 2010 में 63 ब्लॉकों के लिए टेंडर जारी किए थे। जिसके जवाब मे कुल 377 कंपनियों ने आवेदन किया। मार्च, 2011 में खान मंत्रालय ने आवंटित ब्लाकों की सूची जारी की। सूत्रों के मुताबिक खान मंत्रालय से जुड़े केंद्रीय खनन ब्यूरो ने ये सारे आवंटन किए।
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आवंटन में 28 ब्लॉक एक ही परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को दिए गए। टेंडर प्रक्रिया में शामिल कुछ कंपनियों ने इसका विरोध किया और मुंबई और हैदराबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सीबीआई को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया। हाई कोर्ट के इसी आदेश के तहत सीबीआई ने केस दर्ज किया है।
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सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक, ये चारों कंपनियां आवंटन की शर्तें पूरी नहीं करती थीं इसके बावजूद इन्हें ब्लॉक दिए गए। सीबीआई ने जांच में ये पाया है कि इन कंपनियों के मालिकों के हथियारों के दलाल अभिषेक वर्मा से भी संबंध हैं। सीबीआई ने प्रारंभिक जांच में नागपुर स्थित केंद्रीय खनन ब्यूरो और केंद्रीय खान मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है। साथ ही चारों कंपनियों और उनके निदेशकों को भी आरोपी बनाया गया है।
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पिछले साल आवंटित किए गए थे खनिज ब्लॉक
समुद्र के भीतर मौजूद खनिज संपदा को निकालने के लिए खान मंत्रालय ने 2010 में 63 ब्लॉकों के लिए टेंडर जारी किए थे। जिसके जवाब मे कुल 377 कंपनियों ने आवेदन किया। मार्च, 2011 में खान मंत्रालय ने आवंटित ब्लाकों की सूची जारी की। सूत्रों के मुताबिक खान मंत्रालय से जुड़े केंद्रीय खनन ब्यूरो ने ये सारे आवंटन किए।
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आवंटन में 28 ब्लॉक एक ही परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को दिए गए। टेंडर प्रक्रिया में शामिल कुछ कंपनियों ने इसका विरोध किया और मुंबई और हैदराबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सीबीआई को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया। हाई कोर्ट के इसी आदेश के तहत सीबीआई ने केस दर्ज किया है।