लिव इन पार्टनर को कॉलगर्ल बताने पर कोर्ट ने डांटा
नौ साल तक लिव इन रिलेशन में रहने के बाद महिला को कॉल गर्ल बताने पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बॉलीवुड हस्ती को फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने बॉलीवुड हस्ती की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने महिला को भरण पोषण देने के आदेश को चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता पर किसी तरह की दया दिखाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि 1986 से 1995 तक आप बिना शादी किए उस महिला के साथ लिव इन में रहे।
चार बच्चों का पिता था याचिकाकर्ता
आप खुद व्याभिचारी हैं लेकिन अब आप उस महिला को कॉल गर्ल बता रहे हैं। मुंबई हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपने लिव इन पार्टनर और उनके संबंध के दौरान पैदा हुई बेटी को भरण पोषण देने का आदेश दिया था।
उसने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि वह फिलहाल बेरोजगार है। लिहाजा उसकी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए याचिका पर विचार किया जाए। यह शख्स शादीशुदा है और चार बच्चों का पिता है।