facebook की 9 ऐसी बातें, जो शर्तिया नहीं जानते होंगे आप!
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वे लगभग 12 लोग थे जो एक बर्थ-डे पार्टी में मिले थे। वे उस समय तो एक दूसरे को नहीं जानते थे लेकिन कुछ ही घंटो में सारे के सारे एक दूसरे के दोस्त बन गए!
कैसे ?
इस कैसे का जवाब है.. फेसबुक!
हां... वे सभी मिले। सभी ने साथ खाना खाया। एक दूसरे के साथ तस्वीरें खिचाईं और जाते-जाते कहा , ' ओए सुन , मुझे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज देना , और हां सारे फोटो मैं टैग भी कर देना ' ।
अब फेसबुक हम सब के बीच का एक ऐसा ही हिस्सा है जो एक तरह से हम सबका विजिटंग कार्ड बन चुका है। अब अक्सर कोई किसी की डीटेल नहीं मांगता। बस नाम पूछकर फेसबुक पर जुड़ जाते हैं।
मजेदार बात ये हैं कि फेसबुक ने हमारी जिंदगी जितनी दिलचस्प बनाई है उनती ही मजेदार बातें फेसबुक के बारे में भी हैं। और उनमें से ऐसी बहुत सारी बातें है जिनके बारे में आपको बिलकुल भी पता नहीं होगा।
जैसे क्या आप जानते हैं कि आज फेसबुक पर दिखने वाले 'LIKE' बटन का पहला नाम क्या था ? या ये कि फेसबुक पर कितने लाख लोग ऐसे हैं जो मरे हुए हैं ? या फिर ये कि फेसबुक एक बीमारी
भी है... पढ़िए फेसबुक के बारे में 9 दिलचस्प जानकारियां।
नीले रंग का राज!
क्या आपने कभी सोचा कि फेसबुक का रंग नीला ही क्यों चुना गया ? बस यूं ही चुन लिया गया या इसकी अपनी कोई कहानी है।
दरअसल फेसबुक का रंग नीला है क्योंकि फेसबुक चीफ मार्क जुकरबर्ग सबसे ठीक तरह से नीला रंग ही देख सकते हैं। दरअसल मार्क जुकरबर्ग को रेड-ग्रीन कलर ब्लाइंडनेस है।
एक रशियन टेलिविजन टॉक शो में बात करते हुए उन्होंने कहा था कि मुझे कलर ब्लाइंडनेस है और नीला ही वह रंग है जिसे मैं सबसे बेहतर ढ़ंग से देख सकता हूं। इसीलिए हमने फेसबुक का रंग नीला रखा है।
2010 में the new yorker में मार्क जुकरबर्ग का प्रोफाइल छपा था। वहां भी इस बात का जिक्र था वे उन्हें रेड-ग्रीन कलर ब्लाइंडनेस है। और यही फेसबुक के नीले रंग की असल वजह है।
जुकरबर्ग की वॉल का रास्ता
अगर आप फेसबुक पर लॉग इन करके अपने होम पर हैं तो उस वक्त आपका यूआरएल होता है https://www.facebook.com और मजेदार बात यह है कि अगर आप अपने इसी url के आगे बस /4 जोड़ देंगे तो आप सीधे मार्क जुकरबर्ग की वॉल पर पहुंच जाएंगे।
इसी तरह अगर आप यूआरएल के आगे /5 या /6 लगाएंगे तो फेसबुक आपको सीधे क्रिस ह्यूज और डस्टिन मोस्कोविट्स की वॉल पर पहुंचा देगा। क्रिस ह्यूज और डस्टिन मोस्कोविट्स फेसबुक के को-फाउंडर थे और कॉलेज के वक्त ये दोनों मार्क जुकरबर्ग के रूममेट हुआ करते थे।
चाहें तो आजमा कर देंखें।
मरने के बाद भी जिंदा
क्या आप जानते हैं कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो उसकी फेसबुक प्रोफाइल का क्या होता है ? क्या वो ऐसे ही चलती रहती है ? इस वक्त फेसबुक पर करीब 30 मिलियन मरे हुए लोग हैं।
लेकिन इस बारे में फेसबुक क्या कहता या करता है ?
यदि हमारी जान पहचान में कोई किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो हम फेसबुक पर इस बात की रिपोर्ट कर सकते हैं। रिपोर्ट करने के बाद फेसबुक ऐसी प्रोफाइल्स को एक तरह का स्मारक ( memorialized account) बना देता है।
अब आखिर ये स्मारक( memorialized account) किस तरह काम करता है ?
किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद अगर आप उस अकाउंट को रिपोर्ट करें और फेसबुक उसे स्मारक( memorialized account) बना दे तो कोई भी व्यक्ति उस अकाउंट में लॉग इन नहीं कर सकता है। इस तरह के अकाउंट में कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकता। ना किसी फ्रेंड को जोड़ा जा सकता है ना हटाया जा सकता है। न ही किसी पोस्ट या फोटो को डिलीट किया जा सकता है।
इस तरह के अकाउंट फेसबुक पर मौजूद होता है और परिचित लोगों को तो दिखता है लेकिन फ्रेंड सजेशन , बर्थडे रिमांडर के तौर पर इन लोगों का नाम नहीं आता।
शख्स जिसे जिसे कभी ब्लॉक नहीं किया जा सकता
फेसबुक पर एक ऐसा शख्स भी है जिसे कभी भी ब्लॉक नहीं किया जा सकता है।
जी हां , ऐसा बिल्कुल संभव है। और कोई हैरत की बात नहीं है कि वह प्रोफाइल खुद मार्क जुकरबर्ग की हैं। फेसबुक पर कोई भी व्यक्ति उन्हें ब्लॉक नहीं कर सकता।
अगर कोई उन्हें ब्लॉक करने की कोशिश करेगा तो उसे यह मैसेज पढ़ने को मिलेगा... " General Block failed error: Block failed."
फेसबुक का LIKE बटन हो सकता था 'AWESOME'
फेसबुक पर हर पोस्ट के नीचे कमेंट और शेयर के अलावा लाइक का बटन दिखता है। पर क्या आपने कभी सोचा कि क्या इसका नाम पहली बार में यह तय कर दिया गया होगा या इसके पीछे भी कोई बहस रही होगी।
वैसे फेसबुक के लाइक बटन के लिए कई सालों तक फेसबुक की टीम के बीच मतभेद रहे। और इससे पहले इसका नाम 'AWESOME' रखा गया था। लेकिन इसे बाद में LIKE किया गया।
हालांकि लाइक के इस ऑप्शन पर कई साल तक यह भी विवाद रहा कि यह ऑप्शन फेसबुक की राइवल साइट FriendFeed से लिया गया है। लेकिन इस विवाद को भी बाद में सुलझा लिया गया।
फेसबुक ने दावा किया कि FriendFeed ने भले ही यह फीचर पहले लॉन्च किया लेकिन हम उनसे काफी समय पहले से इस फीचर पर काम कर रहे थे। फेसबुक ने 2009 में लाइक का फीचर लॉन्च किया था।
क्या आप poke का मतलब बता सकते हैं ?
फेसबुक पर कई फीचर्स की तरह एक poke भी है। लेकिन अगर आप किसी से इसका मतलब पूछेंगे तो शायद ही कोई इसका मतलब बता पाए। क्योंकि खुद फेसबुक ने भी इसका कोई मतलब या इसका काम तय नहीं किया है।
यहां तक कि फेसबुक हेल्प सेंटर में भी आप पूछेंगे कि 'poke' का क्या मतलब है तो आपको कभी पता नहीं चलेगा। और ऐसा जानबूझ कर किया गया है।
इस बारे में मार्क जुकरबर्ग कह चुके हैं कि हमने सोचा था कि हम फेसबुक पर एक ऐसा फीचर बनाएंगे जिसका कोई तय उद्देश्य या मतलब नहीं होगा। ये बस एक तरह से मस्ती के लिए बनाया गया है।
............ फेसबुक एक बीमारी भी!
शायद आपको यह जानकर हैरानी हो लेकिन फेसबुक का एडिक्शन एक बीमारी का रूप लेता जा रहा है। दुनियाभर में हर उम्र के लोग फेसबुक एडिक्शन डिसऑर्डर यानी फेसबुक की लत से जूझ रहे हैं। इस बीमारी का संक्षिप्त नाम FAD है।
इस वक्त दुनिया में लगभग 35 करोड़ लोग FAD से ग्रसित हैं।
ताजा मामलों में पीड़ित 12-14 घंटे फेसबुक के साथ चिपके रहे हैं। इससे युवाओं के कामकाज और दिनभर के काम-काज पर बुरा असर पड़ा है। अब उन्हें जरूरी चीजों पर ध्यान लगाने के बजाय यही
सोच रहे है कि उन्हें कमेंट पर किसने लाइक किया। इस एडिक्शन से लोग नींद न आने की समस्या तक से जूझ रहे हैं
फेसबुक पर... हर मिनट , हर दिन.. कितने लोग ?
फेसबुक पर हर 20 मिनट में लगभग 10 लाख लिंक शेयर की जाती हैं। इसके अलावा 20 लाख फ्रेंड रिक्वेस्ट और 30 लाख मैजेस भेजे जाते हैं।
फेसबुक की जून महीने तक की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 82 .9 करोड़ लोग हर दिन फेसबुक इस्तेमाल करते हैं। पिछले साल की तुलना में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत ज्यादा है।
इसी तरह दुनियाभर में 64 .5 करोड़ लोग हर रोज कम से कम एक बार अपने मोबाइल में फेसबुक जरूर ल़ॉग इन करते हैं। यह आंकड़ा भी पिछली साल की तुलना में बढ़ा हुआ है और इसमें 14 प्रतिशत का इजाफा है।
भारत में फेसबुक कितनी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल की तुलना में इस साल 40 प्रतिशत नए फेसबुक यूजर्स होंगे।
इंटरनेट मार्केट के आंकड़ों के मुताबिक 2014 के आखिरी तक भारत में 10 करोड़ 80 लाख यूजर्स होंगे। भारत में पिछले साल फेसबुक के यूजर्स लगभग 7 करोड़ थे।
इंटरनेट मार्केटर्स के अनुसार 2018 के आखिरी तक भारत समेत एशिया में हर महीने फेसबुक इस्तेमाल करने वाले यूजर्स 50 करोड़ से भी ज्यादा हो चुके होंगे।
इंटरनेट की आधी आबादी फेसबुक पर!
सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन पूरी दुनिया में जितने लोग इंटरनेट पर हैं उनमें से पचास प्रतिशत लोग फेसबुक से जुड़े हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक अगर वे लोग खुद फेसबुक पर नहीं भी हैं तो वे ऐसे लोगों के साथ रह रहे हैं या जुड़े हुए हैं जो फेसबुक इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस तरह इंटरनेट की दुनिया में जितने भी लोग हैं उसकी आधी आबादी फेसबुक से जुड़ी हुई है।
फेसबुक की सक्सेस स्टोरी में एक दिलचस्प कहानी जुकरबर्ग के शेयर्स की भी है। दो साल पहले 2012 में जब जुकरबर्ग ने इस बात की घोषणा की थी कि वे अपनी कंपनी के शेयर्स मार्केट में बेचेंगे तो उन्हें वैसी प्रतिक्रिया नहीं मिली जैसी उम्मीद की जा रही थी।
उन्होंने कंपनी के 7 करोड़ शेयर मार्केट में बेचने की घोषणा की। लेकिन कोई बहुत फायदा दिखने के उलट फेसबुक के कुल शेयर्स में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
लेकिन इस गिरावट के बावजूद जुकरबर्ग लगातार मार्केट में अपने शेयर्स उतारते रहे। और उसी का नतीजा रहा कि फेसबुक ने 2012 की तुलना में 2013 में 98 प्रतिशत तक की ग्रोथ दर्ज की।
और कोई हैरत की बात नहीं कि इस वक्त फेसबुक चीफ मार्क जुकरबर्ग दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल हैँ। 2014 की फोर्ब्स की लिस्ट के मुताबिक मार्क जुकरबर्ग अपनी 34 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के 13 वें सबसे अमीर इंसान हैं।