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एक फर्जी आईडी से खरीदे 860 सिम, क्या थी वजह?

Mon, 24 Aug 2015 08:08 AM IST
Updated Mon, 24 Aug 2015 08:08 AM IST
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860 activated sim and one fake id

मोटे मुनाफे के फेर में फर्जी सिम का कारोबार सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है। रविवार को पुलिस ने फर्जी सिम के एक रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने संभल के दो युवकों से 860 प्री एक्टिवेटेड सिम बरामद किए हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने कोतवाली में पूरे मामले की जानकारी दी। जिले भर में फर्जी आईडी से सिमों को प्री एक्टिवेटेड कर बाजार में बेचने का कारोबार चल रहा है।

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शनिवार की रात 10 बजे पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। बकौल, पुलिस मुखबिर ने सूचना दी कि दो युवक मौलागढ़ चौकी के पास फर्जी सिम के साथ खड़े हैं। पुलिस ने दोनों युवकों से पूछताछ की। तलाशी में दोनों के पास से फर्जी आईडी और एक्टिवेटेड सिम का जखीरा मिला। इसके बाद पुलिस ने संभल थाना हयातनगर के मोहल्ला कोटला निवासी अतुल कुमार पुत्र सुनील कुमार और सरायतरीन निवासी सचिन पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।
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इनके पास से 860 एक्टीवेटेड सिम के अलावा 15 फर्जी आईडी भी बरामद हुई हैं। 10 आईडी चंदौसी क्षेत्र के लोगों की हैं। पांच आईडी अमरोहा के रफैड़ा निवासी बबली पुत्र स्यौराज के नाम से बनी मिली हैं। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
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अभिषेक यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी चंदौसी ने बताया कि फर्जी आईडी से एक्टिवेटेड सिमों का जखीरा बरामद हुआ है। दो युवक गिरफ्तार किए गए हैं। फर्जी सिमों के कारोबार में स्थानीय और अन्य लोगों की संलिप्तता तलाशी जा रही है। युवकों से पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पूरे मामले की जांच की जाएगी।

ऐसे होता था फर्जी सिमों का कारोबार

860 activated sim and one fake id

फर्जी सिम का कारोबार बेहद चालाकी से किया जाता है। काला कारोबार करने वाले सिम लेने के लिए आने वाले ग्राहकों की आईडी का दुरुपयोग करते हैं।

बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की आईडी की फोटो स्टेट व फोटो से फोटो बनवाकर फर्जी तरीके से सिम एक्टिवेट कराए जाते हैं। इसके बाद उन्हें फर्जी तरीके से मोटे मुनाफे के साथ ग्राहकों को मुहैया कराया जाता था।

पुलिस ने संभल निवासी अतुल और सचिन के कब्जे से निजी कंपनी आइडिया, वोडाफोन और यूनिनोर के 860 एक्टिवेटेड सिम, 15 फर्जी आईडी, पीएनबी बैंक का एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, तीन बीमा कार्ड, 115 रुपये और चार मोबाइल बरामद हुए हैं।

सावधानी बरतें, नहीं तो होगी मुश्किल

860 activated sim and one fake id

यदि आप नया सिम खरीदने जा रहे हैं तो आपको सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अपनी आईडी देते समय उसे क्रास कर उस पर प्रयोग का कारण अवश्य लिखें। फोटो पर क्रास हस्ताक्षर कर उस पर प्रयोग का संक्षिप्त विवरण लिख दें। परिचित और भरोसे वाले दुकानदार से ही सिम खरीदें। इसके अलावा अन्य जगह भी आईडी का सोच समझकर सावधानी से प्रयोग करें। शक होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

फर्जी तरीके से सिम के कारोबार का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कई बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सर्विलांस की मदद से यह जानने की कोशिश में जुटी है कि गिरफ्तार दोनों युवकों ने सिम की आपूर्ति कहां कहां की गई है। इन सिमों से कहां- कहां बात होती थी। सिम का प्रयोग विदेशों में बातचीत के लिए तो नहीं किया जाता था। पूरे कारोबार की कड़ी से कड़ी जोड़कर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कवायद जारी है।

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