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तीन दिन बेटे की लाश से बातें करता रहा बूढ़ा बाप
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 22 Jul 2013 01:03 PM IST
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बाप-बेटे के बीच मजबूत रिश्ते की असल घटनाएं और कहानियां हमने-आपने खूब सुनी हैं, लेकिन यह हिस्सा कुछ अलग है।
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तमिलनाडु के छेमेनचेरी में पुलिस ने शनिवार को 83 साल के एक बीमार व्यक्ति को बाहर निकाला, जो बीते तीन दिन से अपने बेटे की लाश के साथ रह रहा था। उसे यह पता नहीं था कि बेटा मर चुका है।
पुरुषोत्तम अपने 40 वर्षीय पुत्र महेंद्रन के साथ अपने मकान की छत पर रहता था। मकान एक प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी को किराए पर दिया गया था।
नारियल के पेड़ों की वजह से घर मेन रोड से नहीं दिखता था। कंपनी के लिए काम करने वाले एक व्यक्ति तुलसी साहू ने बुजुर्ग को सीढ़ियों पर जूझते हुए देखा।
इसके बाद वह एक और शख्स के साथ मिलकर बुजुर्ग को भीतर छोड़ने गए, तो यह देखकर उनके होश उड़ गए कि महेंद्रन का शव पड़ा है।
पुलिस इंस्पेक्टर एम वेंकटेशन ने कहा कि बाप-बेटे अकेले रहते थे और शराब के आदी थे। पुलिस का कहना है कि महेंद्रन की मौत संभवतः तीन रोज पहले हो गई थी और पलंग पर पड़े हुए बाप को इस बात की जानकारी तक नहीं थी।
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उनके एक पड़ोसी ने कहा, 'उन्हें कोई नहीं जानता था। वे आस-पड़ोस में किसी से बातचीत नहीं करते थे। बेटा कभी-कभी बाहर आता था और शराब खरीदकर वापस चला जाता था।'
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