नोट लेकर वोट देना गलत नहीं, बिहार की जनता की राय
बिहार के लगभग 80 फीसदी मतदाता वोट के बदले पैसे लेने या किसी प्रकार उपहार लेने को गलत नहीं मानते। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय ने एक सर्वेक्षण कराया और उसी में ये आंकड़ा सामने आया।
मतदाताओं की इस प्रवृत्ति ने चुनाव आयोग को चिंता में डाल दिया है। इसे मद्देनजर रखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के साथ ही नैतिक मतदान को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलााया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया से हुई बातचीत में बिहार के अतिरिक्त चुनाव अधिकारी आर लक्षमणन ने बताया कि चुनाव आयोग न केवल मतदाताओं को वोट देने के लिए प्रेरित कर रहा है, बल्कि उन्हें बिना किसी लोभ या फायदे के वोट देने के लिए भी कह रहा है। चुनाव आयोग ने इस संबंध में कई पोस्टर और बैनर लगाएं हैं। नैतिक वोटिंग को बढ़ावा देने के लिए समाचार पत्रों, रेडियो और टीवी पर भी प्रचार किया जा रहा है।
जून-जुलाई में कराया गया था सर्वे
चुनाव आयोग के लिए ये सर्वे जून और जुलाई महीने में पटना के ही एक संस्थान ने किया था।
लक्ष्मणन ने बताया कि चुनाव आयोग मतदाताओं के व्यवहार और वोटिंग के तौर-तरीकों को जानने के लिए ऐसे सर्वे कराता रहता है, ताकि मतदाताओं को जागरूक बनाने के लिए जो गतिविधियां चलाई जा रही हैं, उनमें सुधार होता रहे।
सर्वे में 4500 मतदाताओं को शामिल किया गया था। बिहार में 2010 में हुए विधानसभा चुनावों में 52.67 फीसदी वोट पड़े थे। पिछले वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में 56.28 फीसदी मतदान हुआ था।