यूपी मालामाल, आठ सांसद बने मंत्री
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में उत्तर प्रदेश से व्यापक प्रतिनिधित्व देखने को मिला है। नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में प्रदेश के आठ सांसदों को मंत्री पद मिला है।
नरेंद्र मोदी अगर वडोदरा की सीट छोड़कर बनारस की सीट को बरकरार रखते हैं तो वह भी लोकसभा में उत्तर प्रदेश का ही प्रतिनिधित्व करेंगे।
एनडीए के मुकाबले यूपीए सरकार से छह सांसदों को ही मंत्री पद दिया गया था। इसे लेकर कांग्रेस की आलोचना भी हुई थी। मगर भाजपा ने ये भूल नहीं की है। भाजपा ने सभी वर्गों को मौका देकर प्रदेश के जातीय समीकरण को भी साधने की कोशिश की है।
राजनाथ बने गृहमंत्री
मोदी सरकार में चार कैबिनेट मंत्री और चार राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश से हैं। लखनऊ से सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को गृह मंत्री बनाया गया है। सरकार में नरेंद्र मोदी के बाद वह नंबर दो भी माने जा रहे हैं।
वहीं उमा भारती, कलराज मिश्र, मेनका गांधी को भी कैबिनेट मंत्री पद से नवाजा गया है। इसके बाद पहली बार संासद बने पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह को भी स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाया गया है।
मुजफ्फरनगर सांसद बालियान बने मंत्री
बरेली से सांसद संतोष कुमार गंगवार को भी स्वतंत्र प्रभार तो गाजीपुर से सांसद मनोज सिन्हा और संजीव बालियान को भी राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। यूपीए सरकार में तीन कैबिनेट मंत्री और तीन राज्य मंत्री शामिल थे।
यूपीए सरकार में कैबिनेट मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा, सलमान खुर्शीद और श्रीप्रकाश जायसवाल थे, जबकि राज्य मंत्री के तौर पर आरपीएन सिंह, जितिन प्रसाद और प्रदीप जैन शामिल थे। यूपीए सरकार के छह के छह मंत्रियों को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा।