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एक और सर्वे आया, केजरीवाल फिर बने चैंपियन!

Sat, 11 Jan 2014 01:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 11 Jan 2014 01:14 PM IST
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75% wants kejriwal as their cm in survey

कांग्रेस-भाजपा जैसे राष्ट्रीय राजनीतिक दल हों या फिर सपा-बसपा और एनसीपी जैसे राज्यों के खिलाड़ी, सभी के दिलों में इन दिनों एक अजीब सा खौफ पसरा है।

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सब कुछ ठीकठाक चल रहा था, लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनावों ने सारा खेल बिगाड़ दिया है। आम आदमी पार्टी ने जो कमाल किया, उसने लोकसभा चुनावों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। राजनीतिक दलों को नए सिरे से तैयारियां करनी पड़ रही हैं।
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अब तक जो डर राजनीतिक दलों के दिलों तक सीमित था, अरविंद केजरीवाल के पक्ष में आने वाले सर्वे उस डर को और बढ़ा सकते हैं। आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की तारीफों के पुल बांधने वाला एक और सर्वे आया है।
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75 फीसदी मांगे केजरीवाल!

75% wants kejriwal as their cm in survey

आम आदमी पार्टी 2014 के लोकसभा चुनावों में भी कारनामा कर सकती है। एक समाचार समूह और सी वोटर के ओपिनियन पोल में दिखाया गया है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी देश के शहरी इलाकों में अच्छी पैठ बना रही है।

8 जनवरी को हुए इस स्नैप पोल में शामिल लोगों में से 75 फीसदी का मानना है कि उन्हें अपने राज्य में अरविंद केजरीवाल जैसा मुख्यमंत्री चाहिए। राज्यों की 24 राजधानियों के 1956 लोगों के साथ यह सर्वे किया गया।

इस ओपिनियन पोल में यह बात भी सामने आई कि आम आदमी पार्टी ने काफी कम वक्‍त में लोगों के बीच जगह बनाई है और ज्यादातर लोग उसके बारे में जानते हैं।

ज्यादातर लोग जानते हैं AAP को

75% wants kejriwal as their cm in survey

सर्वे में शामिल पूर्वी भारत के 90 फीसदी, उत्तरी क्षेत्र के 89 फीसदी, दक्षिणी‌ हिस्से के 86 फीसदी और पश्चिमी भारत के 92 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक पार्टी के बारे में जानकारी है।

न केवल ज्यादातर लोगों को आम आदमी पार्टी की मौजूदगी के बारे में जानकारी है, बल्कि उनमें से ज्यादातर आगामी लोकसभा चुनावों में केजरीवाल के दल के लिए काफी संभावनाएं देख रहे हैं।

केंद्र में सरकार बनाएंगे केजरीवाल!

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23 फीसदी लोगों की राय है कि आम आदमी पार्टी आगामी चुनावों में 272 से ज्यादा सीटें जीतकर केंद्र में सरकार बनाएगी, जबकि 30 फीसदी का मानना है कि केजरीवाल कांग्रेस और भाजपा के लिए कड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं।

अगर इन दोनों आंकड़ों को जोड़ लिया जाए, तो साफ होता है कि सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा लोग मानते हैं कि चुनावों में आम आदमी पार्टी का खासा असर होगा। भाजपा को इससे जरूर चिंता होगी, जो नरेंद्र मोदी के पक्ष में लहर देख रही थी।

जनता से जुड़े मुद्दे उठाए

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अपनी राजनीति के मध्य में आम आदमी के मुद्दे रखने वाले अरविंद केजरीवाल लोगों को यह भरोसा दिलाने में कामयाब होते दिख रहे हैं कि उनकी पार्टी जनता से सीधी जुड़ी है।

कोई भी राज्य हो, जाति या सामाजिक-आर्थिक बैकग्राउंड से आने वाले लोग, हर चार में से तीन लोगों का मानना है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम लोगों की महत्वाकांक्षा की अगुवाई करती है।

दूसरे नेताओं से अलग हैं अरविंद

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सर्वे में शुमार लोगों में से 34 फीसदी की राय है कि केजरीवाल का रुख साफ और ईमानदार है और यही बात उन्हें दूसरे नेताओं से अलग करती है।

29 फीसदी का मानना है कि वह इसलिए अलग हैं, क्योंकि पहले से उन पर किसी ने दांव नहीं लगाया था, लेकिन वह दिग्गजों का खेल बिगाड़ने में माहिर निकले। केवल 6 फीसदी उन्हें दूसरे नेताओं की तरह देखते हैं।

अन्ना को हिदायत, अरव‌िंद का साथ

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एक चौथाई (24 फीसदी) आम आदमी पार्टी के नए भारत निर्माण के सपने को अपना सपना मानते हैं, जबकि 43 फीसदी का कहना है कि वह भ्रष्टाचार दूर करने के लक्ष्य के साथ हैं।

कांग्रेस और भाजपा ने यह मुद्दा कई बार उछाला है कि केजरीवाल ने अन्ना को धोखा दिया है। लेकिन लोगों की राय कुछ और है। 60 फीसदी का कहना है कि अन्ना को आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार करना चाहिए, जबकि 27 फीसदी उन्हें राजनीति से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं।

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