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देश में 12वीं पास 75,000 युवा मांग रहे भीख

Wed, 30 Dec 2015 06:12 PM IST
Updated Wed, 30 Dec 2015 06:12 PM IST
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75,000 of country's beggars are 12th passouts

देश के अंदर भीख मांगने वाले लोगों से अगर आप बेअदबी से पेश आते हैं तो संभल जाइए। क्या पता भीख मांगने वाला व्यक्ति आपसे ज्यादा पढ़ा-लिखा हो।

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जनगणना, 2011 के आंकड़े यही इशारा करते हैं। भारत भी पढ़े-लिखे भीख मांगने वालों लोगों का देश बनता जा रहा है। देश के अंदर 3.72 लाख लोग भीख मांगते हैं। इनमें से 21 फीसदी लोग पढ़े लिखे हैं। कई लोग आठवीं पास हैं तो करीब 3,000 लोगों के पास प्रोफेशनल डिप्लोमा, स्नातक और परास्नातक तक की डिग्री है। जनगणना, 2011 के आंकड़ो के मुताबिक यह तस्वीर सामने आई है। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक कई पढ़े-लिखे लोगों ने भीख मांगने का पेशा इसलिए चुना क्योंकि उनकी डिग्री के अनुसार उनको नौकरी नहीं मिल पाई।
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45 वर्षीय दिनेश खोडाभाई ने बताया कि मैं गरीब हूं पर ईमानदार हूं। हर दिन भीख मांगकर में 200 रूपए कमा लेता हूं। मैंने आखिरी बार एक हॉस्पिटल में वॉर्ड बॉय की नौकरी की थी, वहां हर दिन मैं 100 रूपए कमा पाता था। दिनेश बारहवीं पास हैं और ठीक-ठाक अंग्रेजी बोल लेते हैं। दिनेश ने बताया कि वो 30 भीख मांगने वाले लोगों के साथ मिलकर यह काम करते हैं। वो अहमदाबाद के भद्रा काली मंदिर में काम करते हैं। अपना काम शुरू करने से पहले वो एक कप गर्म चाय पीते हैं।
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मुख्यधारा में लाना काफी मुश्किल

75,000 of country's beggars are 12th passouts

बी.कॉम की परीक्षा पास नहीं कर पाए सुधीर बाबूलाल ने बताया कि वो बीकॉम के तीसरे साल में फेल हो गए थे। सुधीर हर दिन कम से कम 150 रूपए कमा लेते हैं। सुधीर अहमदाबाद में एक सुंदर जिंदगी जीने के सपने के साथ वीजापुर कस्बे से आए थे। मुझे 10 घंटे काम करने के तीन हजार रूपए मिलते थे और सप्ताह में कोई भी छुट्टी भी नहीं मिलती थी। बाद में मेरी पत्नी भी मुझे छोड़ गई क्योंकि मेरे पास रहने के लिए कोई घर नहीं था। मैं एक नदी के किनारे अपना बैग लिए सो जाता था।

52 वर्षीय दशरथ परमार ने बताया कि उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से एम कॉम की पढ़ाई पूरी की है। पर आज भी उनके पास कोई काम नहीं है। और अपना गुजारा भीख मांग कर करते हैं। अशोक जयसुर ने बताया कि उसने हाईस्कूल की पढ़ाई मुंबई से की है। वो लाल दरवाजा क्षेत्र में भीख मंगाता है। पहले वह सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। पर एक आंख को रोशनी खोने के बाद उसको नौकरी छोड़नी पड़ी और अब भीख मांग कर गुजारा करना पड़ रहा है।

सड़क पर भीख मांगने वाले अशोक ने बताया कि मैं चाहता हूं कि मेरा बेटा राज एनीमेटर बन जाए। अशोक की नौ बेटियां है और वो सड़क पर भीख मांग कर अपना गुजारा करते हैं। मानव साधना एनजीओ के बीरेन जोशी ने बताया की भीख मांग कर गुजारा करने वालों को मुख्यधारा में लाना काफी मुश्किल है। क्योंकि वो भीख मांगकर आसानी से अपना गुजारा कर सकते हैं।

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