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74 फीसदी शहरी लोगों को हृदय संबंधी रोग का खतरा

Sat, 22 Sep 2012 01:38 AM IST
चेन्नई/एजेंसी
चेन्नई/एजेंसी Updated Sat, 22 Sep 2012 01:38 AM IST
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74 percent of urban people have risk of heart disease
एक नई रिसर्च में बदलती जीवनशैली और एक्सरसाइज की कमी से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे नकारात्मक असर का खुलासा हुआ है। शहरी भारत में समस्या की गंभीरता चौंकाने वाली है। रिसर्च में शहरों में करीब 74 प्रतिशत लोगों को हृदय संबंधी रोगों का खतरा होने की बात कही गई है।
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सफोला लाइफ एंड इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन द्वारा दो सालों में 22 शहरों में कराए गए सर्वे में यह तथ्य सामने आया है। रिसर्च के अनुसार 40-44 आयुवर्ग की 72 प्रतिशत महिलाओं को हृदय संबंधी रोग होने का सर्वाधिक खतरा है। जबकि 30-34 आयुवर्ग की महिलाओं में यह प्रतिशत 57 है।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि 30-49 आयुवर्ग के लोगों में से 59 प्रतिशत उच्च कोलेस्ट्रोल की समस्या से पीड़ित हैं, जबकि 30-49 आयुवर्ग में से 61 फीसदी लोग अपेक्षाकृत कम गंभीर एचडीएल कोलेस्ट्राल की परेशानी का सामना कर रहे हैं। वहीं चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि 30-34 आयुवर्ग के वह लोग जो रक्तचाप नियंत्रित करने के लिए ध्यान का सहारा लेते हैं, उनमें से 96 प्रतिशत पर गंभीर हृदय संबंधी रोगों का खतरा है।
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प्रत्येक छठा व्यक्ति करता है धूम्रपान
29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे से पहले जारी रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि हृदय संबंधी रोगों के चलते होने वाली मौतों का आंकड़ा 1990 के 11,75,000 से 2020 तक 25,84,000 तक पहुंचने का अनुमान है। इनमें अधिक संख्या 30-44 आयुवर्ग के लोगों की है। रिसर्च के अनुसार मौजूदा समय में प्रत्येक छठा व्यक्ति धूम्रपान करता है और इनमें कम आयुवर्ग के लोगों की संख्या बेहद अधिक है। रिपोर्ट में चेन्नई को डायबिटीज कैपिटल करार दिया गया है। यहां 17 प्रतिशत लोग इस समस्या से पीड़ित हैं। हैदराबाद और बंगलूरू में यह आंकड़ा 16-16 प्रतिशत है।

इन शहरों में डायबिटीज से कितने पीड़ित
चेन्नई : 17 प्रतिशत
हैदराबाद : 16 प्रतिशत
बंगलूरू : 16 प्रतिशत

'हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ने की वजह शारीरिक एक्सरसाइज की कमी, खानपान की गलत आदतें और धूम्रपान है।'
- प्रोफेसर मुथुवेल सोमासुंदरम, पैनल में शामिल प्रख्यात कार्डियोलॉजिस्ट
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