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आप पर जब-जब हमले हुए, जनता ने दिया जमकर चंदा

Wed, 11 Feb 2015 03:56 PM IST
Updated Wed, 11 Feb 2015 03:56 PM IST
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AAP got maximum donations when had controversies

आम आदमी पार्टी ने पिछले एक महीनों में चुनाव प्रचार के सभी मोर्चों पर भारतीय जनता पार्टी को कड़़ी टक्कर दी। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही अरविंद केजरीवाल समेत आप नेताओं की जनसभाओं और रैलियों में भीड़ उमड़ने लगी। आप की जीत की संभावनाओं का ग्राफ जैसे-जैसे बढ़ा, पार्टी के खजाने में भी बढ़ोत्तरी होने लगी।

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आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनावों के लिए 30 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा था। पार्टी इस आंकड़े को छू तो नहीं पाई, लेकिन 18 करोड़ जुटाने में कामयाब रही। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस रकम का 70 फीसदी हिस्सा आप के खाते में 27 दिनों में आया।
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12 जनवरी से 7 फरवरी के बीच आप के खजाने में लगभग 12 करोड़ आए। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में चुनावों की अधिसूचना 14 जनवरी को जारी हुई थी और 7 फरवरी को वोट पड़े थे।
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पिछले साल ज्यादा रकम जुटाई

AAP got maximum donations when had controversies

चुनावों के दौरान आप पर फर्जी कंपनियों से चंदा लेने के आरोप भी लगे। हालांकि पार्टी के लिए बेहतर यह रहा कि जब-जब उससे कोई विवाद जुड़ा, उसके चंदे में बढोतरी हुई। पार्टी के चंदे में एक जनवरी से ही बढ़ोतरी होने लगी थी, लेकिन 12 जनवरी के बाद इसमें रफ्तार आ गई। 12 जनवरी से 7 फरवरी के बीच केवल ऐसे तीन दिन ही रहे जब आप के खाते में 10 लाख रुपए से कम चंदा आया।

रोचक बात तो यह रही कि ‌जिस दिन भाजपा ने पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्‍मीदवार बनाया, उस दिन आप के चंदे में उछाल आया। ‌कांग्रेस ने जिस दिन अपना घोषणपत्र जारी किया, उस दिन भी आप के चंदे में उछाल आया।

इस साल एक जनवरी से सात फरवरी के बीच आप ने लगभग 15 करोड़ रुपए जुटाए, जबकि पिछले साल एक मार्च से सात अप्रैल की अवधि में पार्टी ने 13.3 करोड़ रुपए जुटाए थे। ये आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता का भी संकेत था।

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