फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   68000 cases of rape but only 16000 convicted

68 हजार रेप के मामले दर्ज पर सजा सिर्फ 16 हजार

Sun, 03 Feb 2013 11:09 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Sun, 03 Feb 2013 11:09 PM IST
विज्ञापन
68000 cases of rape but only 16000 convicted

यौन अपराधों में दोषियों को सजा देने के मामले में बेहद निराशाजनक तस्वीर सामने आयी है। वर्ष 2009-11 के दौरान पूरे देश में बलात्कार के करीब 68,000 मामले दर्ज किए गए पर सिर्फ 16,000 आरोपियों को ही सजा हो पाई।

विज्ञापन


नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार भारत में 2011 में 24,206 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए पर 5,724 अपराधियों को ही सजा हो पायी। इसी प्रकार 2010 में 22,172 रेप के मामले दर्ज किए गए पर 5,632 ही दोषी करार दिए गए। 2009 में कुल 21,397 मामलों में से 5,316 को सजा हुई।
विज्ञापन


इन तीन सालों में उत्तर प्रदेश में 5,364 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए पर 3,816 लोगों को ही सजा हो पायी। जबकि यहां छेड़छाड़ के 9,030 मामले दर्ज किए गए और इनमें से 7,958 आरोपियों को सजा दी गई जो कि अन्य राज्यों की तुलना में सबसे आगे है।
विज्ञापन
विज्ञापन


2009-11 में बलात्कार के सबसे ज्यादा 9,539 मामले मध्य प्रदेश में हुए लेकिन 2,986 लोगों को ही सजा हो पायी। इस अवधि में पश्चिम बंगाल में 7,010 मामले दर्ज हुए पर सिर्फ 381 लोगों को ही सजा हुई। इसी तरह असम में इन तीन सालों में 5,052 मामले दर्ज हुए पर लेकिन 517 लोग ही दोषी साबित हुए।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि अपराधियों को सजा मिलने के इतने कमजोर आंकड़ों का मुख्य कारण यह है कि पुलिस ठीक तरीके से जांच नहीं करती जिससे अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य नहीं एकत्र हो पाते हैं।


नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों दिखाते हैं कि इन तीन सालों के दौरान छेड़छाड़ के 1,22,292 मामले दर्ज हुए लेकिन 27,408 आरोपियों को ही सजा सुनाई गई। इनमें से मध्य प्रदेश में 19,618 छेड़छाड़ के मामले दर्ज हुए पर 6,091 मामलों में ही सजा हो पायी। महाराष्ट्र में 10,651 ऐसे मामले दर्ज हुए पर सिर्फ 595 आरोपियों को ही सजा दी गई। इन तीन वर्षों में केरल में 9,232 मामले दर्ज किए गए पर सिर्फ 718 लोग ही दोषी साबित हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed