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किसानों को मोदी की बड़ी राहत, 6000 करोड़ का कर्ज

Wed, 17 Jun 2015 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 17 Jun 2015 10:18 PM IST
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6 thousand million Outstanding payments of farmers for the sugar mills

गन्ना किसानों का बकाया दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी उद्योग को ब्याज मुक्त कर्ज देकर राहत का मरहम लगाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने चीनी उद्योग को 6000 करोड़ रुपये का कर्ज देने का निर्णय लिया है। एक साल तक इस कर्ज पर चीनी उद्योग को कोई ब्याज नहीं देना पड़ेगा। चीनी मिलों से कहा गया है कि वे 30 जून 2015 से पहले किसानों की बकाया राशि का भुगतान कर दें तभी उन्हें अनुमोदित कर्ज मिलेगा।

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चीनी मिलों को मिलने वाले इस कर्ज पर सरकार ने एक शर्त जोड़ दी है। चीनी मिलों को किसानों की पूरी सूची बैंक खाता नंबर के साथ बैंकों को मुहैया कराई जाएगी। इस कर्ज से बकाये का पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। राशि बचने के बाद ही चीनी मिल के खाते में रकम जाएगी।
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देशभर की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों की बकाया राशि लगभग 21000 करोड़ रुपये है। इसमें अकेले 10000 करोड़ रुपये की राशि यूपी के गन्ना किसानों की है। हालांकि गन्ना उद्योग के खस्ताहाल के लिए अधिक उत्पादन को जिम्मेदार माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही स्थिति है।
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एक साल में सरकार के काम

6 thousand million Outstanding payments of farmers for the sugar mills

वैसे गन्ना किसानों की जीविका की रक्षा के लिए सरकार ने पिछले एक वर्ष के दौरान कई ठोस कदम उठाए हैं। कच्ची चीनी पर निर्यात डयूटी को बढ़ाकर सरकार ने 4000 रुपये प्रति टन कर दिया है। आयात शुल्क बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। घरेलू बाजार में चीनी की संभावित लीकेज रोकने के लिए निर्यात बाध्यता अवधि 18 से घटाकर 6 माह कर दी गई है।

वहीं पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सरकार अगले चीनी सीजन में एथनॉल पर उत्पादन शुल्क समाप्त कर देगी। एथनॉल के लिए सरकार ने 48.50 से 49.50 रुपये प्रति लीटर का बढ़िया दाम तय किया है। एथनॉल की आपूर्ति का स्तर 32 करोड़ लीटर से बढ़कर 83 करोड़ लीटर प्रति वर्ष के स्तर पर पहुंच गया है।

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