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पाक जेलों में चालीस साल से कैद हैं 54 भारतीय सैनिक

Fri, 22 Aug 2014 06:29 AM IST
Updated Fri, 22 Aug 2014 06:29 AM IST
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54 indian soldier in pakistani jail since 40 years

सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि भारत के 54 सैनिक चार दशकों से भी अधिक समय से पाकिस्तानी जेल में बंद हैं।

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सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में सरकार ने बताया है कि वर्ष 1965 और वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान इन सैनिकों को पाकिस्तान ने बंदी बना लिया था।

सरकार का कहना है कि भारत ने इस मामले को पाकिस्तान के समक्ष कई बार उठाया है। लेकिन पाकिस्तान ने अपनी जेलों में भारतीय सैनिकों के बंद होने से इनकार कर दिया है। सरकार ने अब इस मुद्दे को देखने के लिए रक्षा मंत्रालय में त्रि-सेवा समिति गठित किए जाने की जानकारी दी है।
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हालांकि सरकार ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि जब उस दौरान पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों को समझौते के तहत छोड़ा गया, तब उसी दौरान इन सैनिकों की रिहाई क्यों नहीं कराई गई।

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14 रिश्तेदारों ने पाक जेलों का दौरा भी किया

54 indian soldier in pakistani jail since 40 years

सरकार ने सालों बाद भारतीय सैनिकों के पाकिस्तानी जेल में बंद होने की बात स्वीकारी है। आरटीआई के जवाब में रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इन्हें छुड़ाने का प्रयास अब तक विफल रहा है। पाकिस्तान हमेशा से भारतीय सैनिकों को अपने जेल में बंद होने से साफ इनकार करता आया है।

जवाब में यह भी कहा गया है कि 2007 में इन रक्षाकर्मियों के 14 रिश्तेदारों ने पाकिस्तान की जेलों का दौरा भी किया था, लेकिन वे युद्धबंदियों की वास्तविक शारीरिक उपस्थिति की पुष्टि नहीं कर सके थे।

इसी आरटीआई के जवाब में विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि 54 भारतीय सैनिकों के पाकिस्तानी जेल में होने का विश्वास है। मंत्रालय ने तो इनमें से कुछ नाम भी बताए हैं।

मंत्रालय के मुताबिक इनमें से छह रक्षाकर्मियों में लेफ्टिनेंट वीके आजाद, गनर मदन मोहन, गनर सुजान सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट बाबुल गुहा, फ्लाइंग अफसर तेजिंदर सिंह सेठी और स्क्वाइड्रन लीडर देव प्रसाद चटर्जी को 1965 के दौरान युद्धबंदी बनाया गया था, जबकि अन्य 48 रक्षाकर्मी 1971 की लड़ाई के दौरान बंदी बनाए गए थे।

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