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मरीजों को बड़ी राहत, नहीं बढ़ेंगे इन दवाओं के दाम

Sat, 13 Dec 2014 11:12 AM IST
Updated Sat, 13 Dec 2014 11:12 AM IST
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52 medicines price hikes Stopped.

नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने टीबी, बाल रोगों, पेनकिलर्स व अन्य बीमारियों से जुड़ी 52 दवाइयों की कीमत बढ़ाने पर रोक लगा दी है।

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एनपीपीए अब तक 350 से अधिक दवाइयों की कीमतों पर अंकुश लगा चुका है। ये 52 दवाइयां भी अब इस श्रेणी में शामिल हो जाएंगी। भविष्य में सर्जरी से जुड़े उपकरणों की कीमतों की भी सीमा तय की जा सकती है।
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एनपीपीए के मुताबिक जिन दवाइयों की कीमत निर्धारित की गई है उनमें मुख्य रूप से कैंसर, टीबी, चर्म रोग, अक्सर इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक्स व कई प्रकार के पेनकिलर्स शामिल हैं। इनमें से अधिकतर की बिक्री लुपिन, कैडिला हेल्थकेयर एंड मर्कजैसी कंपनियां करती हैं।

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एंटीबायोटिक्स और कई पेनकिलर्स शामिल

52 medicines price hikes Stopped.

इस फैसले से दवा कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक मेडिकल उपकरणों की कीमत तय करते समय दवा कीमत तय करने के नियम लागू नहीं होंगे। मई में 108 दवाइयों की कीमतों पर रोक लगाई गई थी, जिनमें मधुमेह और हृदय रोग से संबंधित दवाइयां शामिल थीं।

हालांकि इस फैसले को कई फार्मा कंपनियों ने कोर्ट में चुनौती दी है। सूत्रों के मुताबिक एनपीपीए आवश्यक दवाइयों के दायरे में और भी कई दवाइयों को लाना चाहता है।

ऐसी दवाइयां जिनकी बिक्री उनके इस्तेमाल की वजह से काफी अधिक होती है, को इस दायरे में शामिल किया जा सकता है। दवाइयों की कीमतों की असमानता को दूर करने पर भी काम किया जा रहा है।

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