42 लड़कियों से विवाह के लिए कतार में 5000 लड़के
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गुजरात के पटेल समुदाय के आरक्षण आंदोलन की अगुवाई करने वाले हार्दिक पटेल आरक्षण की मांग को लेकर जहां देश भर के पाटीदार समुदाय को एक जुट करने का प्रयास कर रहे हैं।
तो वहीं दूसरी ओर गुजरात के सूरत में पटेल समुदाय दूसरे राज्य के कुर्मी समुदाय से वैवाहिक रिश्तों के जरिए राजनीतिक गठजोड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इसका मकसद गुजरात के पटेल नौजवानों के लिए दुल्हन तलाशने में मदद करना है।गुजरात में बिगड़ते लिंगानुपात के चलते पिछले काफी समय से पटेल समुदाय के युवाओं को दुल्हनें तलाशने में खासी मुश्किलें पेश आ रही हैं।
42 लड़कियों से शादी करने को कतार में 5000 युवा
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक बीते शुक्रवार को गुजरात के सूरत में पटेल समुदाय के नौजवानों के लिए पहली बार एक सामुहिक वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस वैवाहिक कार्यक्रम में ओडिशा के गरीब कुर्मी परिवारों से ताल्लुक रखने वाली 42 लड़कियों ने हिस्सा लिया।इस पूरे विवाह कार्यक्रम की दिलचस्प बात यह है कि इन 42 लड़कियों के लिए सूरत के पटेल समुदाय के 5000 हजार युवा कतार में खड़े हैं।
अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन लड़कियों की कितनी अहमियत है। शादी करने के लिए इस समारोह में आई ज्यादातर लड़कियां गुजरात की विभिन्न कपड़ा मिलों में काम करती हैं और ओडिया मजदूर समुदाय की हैं।
पटेल समुदाय की 'बेटी-रोटी' परंपरा की पहल
बता दें कि इस वैवाहिक कार्यक्रम के जरिए गुजराती पाटीदारों ने राज्य के कुर्मियों के साथ ताल्लुक बढ़ाने के लिए 'बेटी-रोटी' की परंपरा की शुरूआत की है।
आगामी 16 अक्टूबर को इन सभी 42 लड़कियों की सामूहिक वैवाहिक कार्यक्रम में पाटीदार समुदाय के युवाओं के साथ विवाह होगा। दूसरे राज्य के कुर्मियों के साथ ताल्लुक बढ़ाने के मकसद से गुजराती पाटीदारों ने 'बेटी-रोटी' परंपरा शुरू करने की पहल की है।
शनिवार को इस इवेंट में आई सभी 42 लड़कियों को उनके जीवनसाथी मिल गए। 16 अक्टूबर को एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में इनकी शादी होगी। शादी का पूरा खर्चा पटेल समुदाय कर रहा है।
इसके अलावा नवविवाहित जोड़े को उपहार में 2 लाख रूपए और घर का सामान भी दिया जाएगा।मालूम हो कि भारत में गुजरात छटा ऐसा राज्य है जहां 1000 लड़को पर 886 लड़कियों का अनुपात है।