फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   6 points of narendra modi speech on independence day

मोदी के भाषण की इन छह बातों पर आप भी होंगे फिदा

Sat, 16 Aug 2014 08:09 AM IST
Updated Sat, 16 Aug 2014 08:09 AM IST
विज्ञापन
6 points of narendra modi speech on independence day

लाल किले की प्राचीर से नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर जब पहली बार भाषण दिया तो कई बनी बनाई लकीरें मिटती नजर आईं। उनके भाषण में बहुत सारी बातें गैरपारंपरिक थीं। मोदी ने अपने भाषण में ऐसे कई मुद्दों को छुआ, लाल किले से कोई प्रधानमंत्री जिन पर बात करने से अक्सर परहेज करते नजर आते हैं।

विज्ञापन


मोदी के भाषण पर देशभर की निगाहें इसलिए भी लगी थी क्योंकि मनमोहन सिंह को कभी अच्छे वक्ता के तौर पर नहीं आंका गया। दस साल के कार्यकाल में मनमोहन सिंह के भाषण आम तौर चंद सरकारी योजनाओं के ऐलान और सरकार की उपलब्धियों के बखान तक ही सीमित रहे।
विज्ञापन


नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से ऐसे बात की जैसे परिवार का एक मुखिया बात करता है। जिसको परिवार के लोगों की क्षमताओं का भरोसा तो होता है लेकिन वो अपनी खामियों पर भी खुलकर बात करने से नहीं हिचकिचाता। आइए नजर डालते हैं कुछ ऐसी ही लकीर तोड़ने वाले मोदी के भाषण के कुछ मुद्दों पर।

विज्ञापन
विज्ञापन

लाल किले से सफाई और टॉयलेट की बात

6 points of narendra modi speech on independence day

ये शायद पहला मौका है जब किसी प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से लोगों से अपना घर, अपना गांव, अपना शहर, अपना देश स्वच्छ रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर हम ठान लें कि अपने आसपास गंदगी नहीं होने देंगे तो कोई वजह नहीं कि हम अपने वातावरण को साफ न रख सकें।

नरेंद्र मोदी ने कॉरपोरेट सेक्टर से भी इस मुद्दे पर सरकार का सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे अपने सोशल फंड का इस्तेमाल स्कूलों में टॉयलेट बनाने के लिए करें। नरेंद्र मोदी ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आज भी हमारे गांव में महिलाओं को शौच के लिए अंधेरे का इंतजार करना पड़ता है।

मोदी ने कहा हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने जा रहे हैं। सफाई का संकल्प लेकर हम इसे सही मायनों में सेलिब्रेट कर सकते हैं। लाल किले से साफ-सफाई टॉयलेट की बात पर भले ही कोई शर्म महसूस करे लेकिन देश की हकीकत पर बात करने का उनका माद्दा वाकई काबिले तारीफ है।

प्रधानमंत्री नहीं प्रधान सेवक

6 points of narendra modi speech on independence day

प्रधानमंत्री के भाषण में वो ऊर्जा दिखी जो अब तक नजर नहीं आती थी। नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं अपने मंत्रिमंडल के साथियों से भी कहता हूं कि अगर आप 12 घंटे काम करेंगे तो मैं 13 घंटे काम करूंगा। 'मैं प्रधानमंत्री नहीं मैं आपका प्रधान सेवक हूं।'

इस तरह की बातें देशवासियों में निश्चित तौर पर ऊर्जा का संचार तो करती ही हैं। उन्होंने कहा कि चपरासी से लेकर कैबिनेट सेक्रेटरी तक हर कोई सामर्थ्यवान है, मैं उस शक्ति को और बढ़ाना चाहता हूं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से भी कहा कि वे ये न सोचें कि वे केवल जॉब कर रहे हैं, वे जॉब नहीं देश की सेवा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि टीवी और समाचार चैनल इस बात की रिपोर्टिंग करते हैं कि अब ऑफिस समय पर खुल रहे हैं और काम अनुशासन के साथ हो रहा है। इस तरह की खबरें बनने से वे खुश नहीं हैं।

बेटियों की वाहवाही, डॉक्टरों को नसीहत

6 points of narendra modi speech on independence day

ऐसे में एक तरफ जब सब सरकारें महिला सशक्तिकरण पर जोर दे रही हैं गर्भ में बेटियों को मारे जाने का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है। मोदी ने देश में घटते ल‌िंगानुपात पर चिंता प्रकट की और बेटियों के योगदान की तारीफ।

उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्‍थ खेलों में भारत ने 64 पदक जीते, जिसमें 29 बेटियां लाई हैं। हमें उन बेटियों पर गर्व है। मोदी ने कहा 'मैं आज लाल किले से देश के डॉक्टरों से आह्वान करना चाहता हूं कि वे अपनी तिजोरी भरने के लिए मां के गर्भ में पल रही बेटियों को ना मारें।'

उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि घर से बाहर निकलने से पहले वे बेटियों की तरह बेटों से भी सवाल करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कई परिवार देखे हैं जिनमें पांच-पांच बेटे होने के बावजूद मां-बाप अनाथालय में हैं जबकि किसी परिवार की एक मात्र बेटी निस्वार्थ भाव से मां-बाप की सेवा कर रही है।

जेपी, विवेकानंद, महर्षि अरविंद, लाल बहादुर शास्त्री

6 points of narendra modi speech on independence day

दस साल बाद लाल किले से वो नाम सुनाई दिए जिनके नाम सत्ता पक्ष लगभग भूल चुका था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयप्रकाश नारायण, स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद जैसे महापुरुषों के नाम लिए।

जयप्रकाश नारायण की जयंती पर 11 अक्टूबर को उन्होंने सांसद आदर्श ग्राम योजना का ब्लूप्रिंट रखने का ऐलान किया। मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नाम पर ढेर सारी योजनाएं हैं लेकिन आज मैं सांसद के नाम से सांसद आदर्श ग्राम योजना की घोषणा करता हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री को भी याद किया, जिनको यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान लगभग भुला दिया गया। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था और इस नारे को आज हमें एक बार फिर याद करना चाहिए।

डिजिटल इंडिया ने किया एका

6 points of narendra modi speech on independence day

प्रधानमंत्री के भाषण में भविष्य के भारत की तस्वीर दिखाई दी। उन्होंने कहा कि आईटी की जरिये पूरा भारत एक हो, ठीक उसी तरह जिस तरह एक समय रेलवे ने पूरे देश को आपस में जोड़ा।

उन्होंने कहा आईटी के जरिये हम पूरे विश्व से स्पर्धा करने की स्थिति में होंगे। उन्होंने कहा कि हम डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़ रहे हैं लेकिन ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक सामानों का हम आयात करते हैं। अगर हम ये खुद बनाने लगें तो इससे देश का बहुत भला होगा।

उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं की वजह से देश की पहचान बदली है, नहीं तो हमें केवल सांप-सपेरों के देश के रूप में ही पहचाना जाता था। उन्होंने कहा कि ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल केवल अभिजात्य वर्ग के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और गरीबों के लिए टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में भी होना चाहिए।

मेरा क्या और मुझे क्या

6 points of narendra modi speech on independence day

नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'मेरा क्या और मुझे क्या' हमें इस दायरे से बाहर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर चीज अपने लिए नहीं होती। कुछ चीजें देश के लिए भी होती हैं।

उन्होंने कहा कि हम अक्सर सोचते हैं कि किसी मुद्दे पर मेरा क्या स्वार्थ। हमें इस दायरे से बाहर निकलना चाहिए। मोदी ने कहा कि हम निजी स्वार्थ के दायरे से निकलें और सारे लोग देश के लिए सोचें।

ये बातें भले ही प्रवचन ज्यादा लगें लेकिन लोगों, खासकर युवाओं को प्रभावित जरूर करती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed