मुंबई ट्रेन धमाका: 5 दोषियों को फांसी की सजा, 7 को उम्रकैद
नौ साल पहले 2006 में हुए मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट केस में 12 दोषियों में से 5 को मौत की सजा सुनाई गई है जबकि सात लोगों को उम्रकैद की सजा दी गई है।
सजा सुनाते हुए स्पेशल जज यतीन डी शिन्दे ने मोहम्मद फैजल शेख, नवेद, आशिफ खान, एहतेशाम, कमाल अंसारी को फांसी की सजा सुनाई वहीं तनवीर अहमद अंसारी, मोहम्मद माजिद सफी, शेख आलम शएख, मोहम्मद साजिद अंसारी,मुज्म्मिल शेख, सोहेल मेहमूद खान और जमीर अहमद शेख को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
बताते चलें कि 11 जुलाई 2006 को मुंबई में पश्चिम रेलवे की उपनगरीय ट्रेनों में 11 मिनट के अंतराल पर सात धमाके हुए थे।
जाएंगे हाईकोर्ट
इस घटना में 189 लोगों की मौत हुई थी और 824 लोग घायल हुए थे। इन
धमाकों के बाद पुलिस के पास कोई भी सुराग नहीं था। सजा सुनाए जाने के बाद
बचाव पक्ष का कहना था कि कोर्ट ने मामले की तह तक जाने की कोशिश नहीं की।
बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि एटीएस ने जो भी गवाह पेश किए वो उनसे प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी यहां से न्याय नहीं मिला है इसलिए वो हाईकोर्ट जाएंगे।
वहीं पूर्व एटीएस प्रमुख के सी रघुवंशी ने कहा कि लंबे समय के बाद पीडि़तों को न्याय मिला है।इस मामले में सरकारी पक्ष रख रहे स्पेशल पब्लिक प्रासिक्यूटर राजा ठाकरे ने दोषियों को 'मौत का सौदागर' बताया और कोर्ट में मांग की थी कि 12 में से 8 दोषियों को फांसी दी जाए और 4 को उम्रकैद।