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देश में महज 48 फीसदी नागरिकों के पास बैंक खाते
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Wed, 03 Dec 2014 01:10 PM IST
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भारत में सिर्फ 48 प्रतिशत वयस्कों के पास बैंक खाता है जिसमें से करीब आधे निष्क्रिय हैं। देशभर में वित्तीय व्यवहार पर किए गए एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है।
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ग्लोबल रिसर्च कंसल्टेंसी इंटरमीडिया ने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से सर्वेक्षण किया जिसके मुताबिक भारत में निष्क्रिय बैंक खातों की दर केन्या, तंजानिया, युगांडा नाइजीरिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुकाबले अपने उच्चतम स्तर पर है।
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सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई कि भारत में लोग वित्तीय संस्थाओं की जगह अपने परिवार और दोस्तों से रुपये उधार लेने को तरजीह देते हैं। 15 और उससे ज्यादा उम्र के 45024 भारतीयों पर किए गए सर्वेक्षण में पता चला है कि सिर्फ 0.3 प्रतिशत लोग मोबाइल मनी सेवा का इस्तेमाल करते है जबकि अन्य आधुनिक बैंक सेवाओं को इस्तेमाल करने वालों की संख्या एक चौथाई से भी कम है। बैंक सेवाओं के उपयोग में भारत में लैंगिक असमानता करीब 17 प्रतिशत है।
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भारत में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के निदेशक गिरींद्र का कहना है कि यह अध्ययन वित्तीय समावेश के लिए सिर्फ बैंक खाता खोलने की धारणा को चुनौती देता है। यह सर्वेक्षण ऐसे वक्त में आया है जब केंद्र सरकार ने वित्तीय समावेश के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना शुरू की है जिसके तहत 15 करोड़ लोगों के बैंक खाते खोले जाएंगे।