सड़क हादसों में इतने लोग हर दिन खोते हैं अपनी जान
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सड़क हादसे में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गोपीनाथ मुंडे की मौत के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ताजा आंकडों के मुताबिक, हर साल करीब एक लाख 37 हजार से ज्यादा लोग सड़क दुर्घटनाओं के शिकार होते हैं। यानी देश भर में रोजाना 477 लोग सड़क हादसों में जान खो रहे हैं।
इसके बावजूद सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार और नागरिकों की उपेक्षा कम होती नजर नहीं आ रही है।
सरकार का किस चीज पर रहता है ध्यान?
सड़क परिवहन के विशेषज्ञ एसपी सिंह का कहना है कि सड़क दुर्घटना में गोपीनाथ मुंडे की मौत से पूरे देश को सदमा लगा है। लेकिन ऐसे तमाम हादसों के बाद भी जरूरी सबक नहीं लिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु के मामले में भारत विश्व में पहले नंबर पर है। लेकिन फिर भी केंद्र और राज्य सरकारों का सबसे ज्यादा ध्यान ट्रैफिक मैनेजमेंट के बजाय राजस्व वसूली पर रहता है।
इसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि मोटर व्हीकल संशोधन विधेयक वर्ष 2007 से अटका पड़ा है, जबकि रोड सेफ्टी बोर्ड के गठन का मामला भी कई साल से लटकता जा रहा है।
कम ट्रैफिक के दौरान ज्यादा हादसे
रोड ट्रांसपोर्ट से जुडे़ विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के समय कम ट्रैफिक वाली सड़क पर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। हर साल देश में 4 लाख 86 हजार से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
इनमें 20 फीसदी हादसे ऐसे समय होते हैं, जब ट्रैफिक होता है। खासकर सुबह और देर रात लोग सड़क खाली देख तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं। उस समय ट्रैफिक लाइट भी ब्लिंक मोड पर रहती है और ड्राईवर बेखौफ होकर ट्रैफिक लाइट जंप करते हैं।
बैक सीट बेल्ट भी अनिवार्य, 100 रुपये जुर्माना
आम धारणा है कि बैक सीट पर बेल्ट लगाना अनिवार्य नहीं है। लेकिन सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स नंबर 125 के सेक्शन 1 (ए)के मुताबिक, कार की बैक सीट पर भी सेफ्टी बेल्ट लगाना जरूरी है।
ऐसा नहीं करने पर 100 रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान है। लेकिन आमतौर पर लोग ऐसा करना जरूरी नहीं समझते। मोटर व्हीकल संशोधन विधेयक, 2012 में सीट बेल्ट नहीं लगाने पर जुर्माना 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव है।
मंत्रालय को आई एयर बैग्स की याद
कारों की भिडंत के बाद हुई गोपीनाथ मुंडे की मौत ने बैक सीट पर एयर बैग्स की अहमियत याद दिला दी है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने आगामी 9 जून को सड़क सुरक्षा पर एक बैठक बुलाई है।
इसमें खासतौर पर बैक सीट बेल्ट के नियम को कड़ाई से लागू कराने और पिछली सीट पर एयर बैग्स अनिवार्य करने पर विचार किया जाएगा। अभी बेहद महंगी गाड़ियों में ही पिछली सीट पर एयर बैग्स होते हैं।