वापस नहीं आना चाहते 450 भारतीय
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इराक में लगातार बढ़ती हिंसा के बावजूद कई भारतीय स्वदेश वापस आने के लिए तैयार नहीं हैं। मंगलवार को भारतीय दूतावास की ओर से संपर्क साधे जाने के बाद 450 लोगों ने स्वदेश लौटने से इनकार कर दिया।
मंगलवार को 139 और लोगों को भारत रवाना कर दिया गया है, जबकि करीब 400 लोगों के दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं।
मोबाइल टीम के माध्यम से अपने नागरिकों से संपर्क करने में जुटे दूतावास कर्मियों से बातचीत में करीब 1000 लोगों ने स्वदेश वापसी की इच्छा जताई है। दूतावास इन लोगों के दस्तावेज तैयार करने में जुट गया है।
सभी भारतीय सुरक्षित
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हालांकि इस संकट का अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है, मगर फिलहाल सभी सुरक्षित हैं। इस बीच नेपाल सरकार ने भी भारत से इराक में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी में मदद मांगी है।
उल्लेखनीय है कि भारत ने फिलहाल सुरक्षित क्षेत्र में रह रहे अपने करीब 10 हजार लोगों को स्वदेश भेजने के लिए बीते सोमवार से अभियान शुरू किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि मोबाइल टीम ने अब तक करीब दो हजार भारतीय नागरिकों से संपर्क साधा है।
नेपाल ने भी मांगी सहायता
इनमें से 450 लोगों ने स्वदेश जाने से इनकार कर दिया है, जबकि 1000 लोगों वापस भारत आने की इच्छा जाहिर की है। प्रवक्ता ने बताया कि इस क्रम में सोमवार को 94 लोगों को स्वदेश भेजने के बाद मंगलवार को 139 और लोगों को इराक से भारत रवाना किया गया।
400 भारतीय नागरिकों के यात्रा दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इस बीच नेपाल ने भी अपने नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए भारत से मदद मांगी है।
तय किया गया है कि दूतावास की मोबाइल टीम भारतीयों से संपर्क साधने के क्रम में नेपाली नागरिकों से भी संपर्क साधने के बाद स्वदेश वापसी के इच्छुक लोगों के यात्रा का प्रबंध करेगी।
हरसंभव मदद कर रहा है दूतावास
सरकार ने नेपाल को उसके नागरिकों को निकालने में हर संभव मदद का भरोसा दिया है। प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल अगवा भारतीयों की रिहाई और केरल की नर्सों को सुरक्षित ले जाने की योजना परवान नहीं चढ़ पाई है।
दूतावास इन संकटों का हल निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसके तहत दूतावास के अधिकारी हर संभव विकल्प का इस्तेमाल कर रहे हैं।