राजनाथ ने लिखी तबादलों की स्क्रिप्ट, अफसरशाही में खलबली
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रूल बुक के अनुसार सख्ती से चलने वाले वरिष्ठ आईएएस एल सी गोयल के अचानक गृह सचिव पद से हटने के कारण अफसरशाही में खलबली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद आईएएस राजीव महर्षि को उनके रिटायरमेंट के दिन गोयल की जगह बहाल करने के बाद सरकार ने 35 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियों का फरमान जारी कर दिया।
नियुक्ति संबंधी कैबिनेट कमेटी (एसीसी) के सोमवार देर रात लिए गए इन फैसलों के लपेटे में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अति नजदीकी वरिष्ठ अधिकारी अनंत कुमार सिंह भी आ गए।
गोयल को रिटायर करने की वजह के संबंध में उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि मंत्रालय के फैसलों में गोयल के सख्त रवैये को लेकर राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री से करीब महीने भर पहले शिकायत की थी।
इसके बाद गोयल नगा समझौते के दौरान गृह मंत्रालय को लूप में नहीं लिए जाने पर सवाल खड़ा कर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की नजर में चढ़ गए। सूत्रों ने बताया कि गोयल ने समाज सेविका तीस्ता सीतलवाड़ को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताने के सरकार के फैसले पर भी आपत्ति जताई थी।
सरकार के इस तरह से अचानक लिए गए फैसले ने अफसरशाही में हलचल मचा रखी है। अफसरशाहों का मानना है कि सरकार ने फैसले लेने वाले अधिकारियों के लिए किसी सुरक्षा कवच का ठोस इंतजाम नहीं किया है।
यही वजह है कि गोयल जैसे अधिकारी मंत्रियों के इशारे के बावजूद रूल बुल के मुताबिक फैसला ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अफसरशाही में महर्षि की छवि भी गोयल की ही तरह है।
नहीं चली राजनाथ की, अनंत कुमार पेट्रोलियम मंत्रालय गए
गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात अनंत कुमार सिंह को पेट्रोलियम मंत्रालय में भेजा गया है। यूपी कैडर के 1984 बैच के अनंत करीब पंद्रह साल से राजनाथ के साथ हैं और उनके चुनिंदा भरोसे के लोगों में जाने जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक पिछले शनिवार को गोयल को वीआरएस का आवेदन देने के लिए कहा गया।
सोमवार को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की सदस्यता वाली एसीसी ने गोयल का वीआरएस स्वीकार कर महर्षि को नया गृह सचिव बनाने का फैसला कर लिया।
सूत्रों ने बताया कि यहां राजनाथ सिंह की नहीं चली और महर्षि गृह सचिव नियुक्त कर दिए गए। गृह मंत्रालय में चर्चा है कि दरअसल गोयल की जगह अनंत कुमार सिंह को पदोन्नित देकर लाने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन परिणाम यह निकला कि अनंत कुमार को गृह मंत्रालय से ही जाना पड़ा।