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'बिना खाए-पिए 18 घंटे तक फंसे रहे'

Wed, 20 Aug 2014 08:37 AM IST
Updated Wed, 20 Aug 2014 08:37 AM IST
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34 afghan sikh want citizenship of england

ब्रिटेन में एक शिपिंग कंटेनर से जीवित पाए गए 34 अफगान सिखों ने यहां शरण मांगी है। ये सभी अफगानिस्तान में उत्पीड़न से बचकर भागे थे और इस शिपिंग कंटेनर में बिना खाने और पानी के 18 घंटे तक फंसे रहे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इन्हें हवा भी नहीं मिल पाई।

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ऐसे में एक अफगान सिख की यात्रा के दौरान मौत भी हो गई। इनकी पहचान काबुल के मीत सिंह कपूर के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया कि सोमवार को कपूर के शव का पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन मौत के कारण का पता लगाने के लिए अभी और जांच होनी बाकी है।
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वहीं, मंगलवार को अस्पताल से शेष चार लोगों को भी छुट्टी दे दी गई। ये सभी बेल्जियम से एसेक्स के टिलबरी बंदरगाह पर पहुंचे शिपिंग कंटेनर के भीतर मिले थे। अफगान सिखों में 13 बच्चे भी शामिल हैं। एक की उम्र तो मात्र एक साल है।
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ब्रिटेन में शरण के लिए जुटे

34 afghan sikh want citizenship of england

अब सभी लोगों की गृह मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा देखभाल की जा रही है। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि ये लोग ब्रिटेन में शरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं और हम इसमें उनकी मदद कर रहे हैं।

पूछताछ में पुलिस का सहयोग करने वाले अनुवादक कमलजीत सिंह मताहारू ने बताया कि अफगान सिखों को आशंका थी कि अगर वे और अधिक समय तक कंटेनर में फंसे रहते तो उनकी मौत हो जाती। उसके मुताबिक, कंटेनर में 15 परिवार फंसे थे और सभी काबुल से हैं।

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