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उत्तराखंड अपडेटः 556 तक पहुंची मृतकों की संख्या

Fri, 21 Jun 2013 09:16 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 21 Jun 2013 09:16 PM IST
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30000 rescued, 60000 still stranded in uttrakhand

उत्तराखंड में आई आपदा में मृतकों की संख्या 500 से ज्यादा हो गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक मरने वालों की संख्या 207 है, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय ने मृतकों की संख्या 556 बताई है।

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उत्तराखंड में शुक्रवार को वायु सेना के हेलीकॉप्टर जुटने से राहत और बचाव के कामकाज में कुछ तेजी आई।

30 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बचा लिया गया है। लेकिन राज्य के अलग-अलग हिस्सों में फंसे 50 हजार से ज्यादा लोगों तक अभी मदद नहीं पहुंची है।
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राज्य के रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिले से सबसे ज्यादा लोगों को बचाया गया है।

उत्तराखंड तबाही की संपूर्ण कवरेज देखने के लिए क्लिक करें
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उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन केंद्र का कहना है कि मरने वालों की तादाद हजारों में हो सकती है, क्योंकि करीब 90 धर्मशालाओं का कोई नामोनिशान नहीं बचा है।

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करीब 14 हजार लोग लापता हैं, जबकि 50,000 के करीब फंसे हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा, 'मरने वालों की तादाद सैकड़ों में हो सकती है।

तस्वीरों में:- कुदरत के कहर के बाद बचाव की कोशिश


अधिकारियों के सर्वे करने के बाद और जवानों के ऊपरी इलाकों से लौटने के बाद ही इस सिलसिले में कुछ साफ-साफ कहा जा सकता है।'

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केदारनाथ और बदरीनाथ से 10,000 हजार लोगों को बाहर निकालने के लिए करीब 40 हेलीकॉप्टर काम पर लगाए गए हैं। उत्तराखंड के प्रधान सचिव राकेश शर्मा का कहना है कि मरने वालों की तादाद अप्रत्याशित रूप से ज्यादा हो सकती है।

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गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के मुताबिक कई इलाकों में मलबा साफ होने के बाद ही सटीक आंकड़े तक पहुंचा जा सकेगा।

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उत्तराखंड में कुदरत ने जो तबाही मचाई है, उसके सबूत अब मैदानी इलाकों तक पहुंचने लगे हैं। जो लोग पहाड़ी इलाकों में मारे गए हैं, नदियों के जरिए उनके शव अब मैदानी इलाकों में बहते हुए पहुंच रहे हैं।

हरिद्वार में गंगा नदी में ऐसे ही शव बहते हुए पहुंचे हैं। वहां के एसएसपी एसएसवी राजीव स्वरूप ने बताया, 'गंगा नदी से 17 शव निकाले गए हैं।'

उत्तराख्रंड में बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्य जोरशोर से चालू है और वहां फंसे हजारों लोगों को जैसे-तैसे निकाला जा रहा है। लेकिन इस 'पहाड़ी सुनामी' ने राज्य को इतना नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई में अरसा लग जाएगा।

राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड में बादल फटने, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण करीब 1,100 से ज्यादा सड़कों का नामोनिशान मिट चुका है।

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