बारिश से जहरीला हुआ गेहूं, खाकर मर गईं 300 भेड़ें
पहले बरसात और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। लगातार भीगने के कारण गेहूं खराब हो गया। जो दाने खेत में बिखरे रहे गए वह जहरीले हो गए और खेतों में चरने वाले मवेशियों के लिए खतरा बन गए है।
शुक्रवार शाम तक गांव मुड़सेरस में खेतों में बिखरे पड़े गेहूं के दानों को खाकर तीन सौ भेड़ मर गई। करीब 200 की हालत खराब है। राजस्थान के जिला पाली की तहसील रोहेट से मौडाराम, ऊधौजी, गहवरराम, सूजाराम, घीसाराम, अल्लराम, हीराराम, पोकरजी, भुंडाराम आदि किसान अपने परिवार के साथ करीब 2500 भेड़ों के काफिले के साथ मुड़सेरस आए हैं। पाली में चारे-पानी की कमी के चलते इन्होंने इधर का रुख किया।
राजस्थान से किसान लेकर आए थे ढाई हजार भेड़
गुरुवार रात से इनकी भेड़ मरनी शुरू हो गई थी, शुक्रवार शाम तक खेतों में 300 भेड़ मर चुकी थीं। ग्राम प्रधान नन्नूराम, खजान सिंह, बच्चू सिंह आदि की सूचना पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी स्थानीय पशु चिकित्सकों की टीम के साथ परीक्षण के लिए पहुंचे।
मौके पर उपस्थित पशुधन प्रसार अधिकारी विजयपाल शर्मा ने बताया कि खेतों में ओलावृष्टि से दूषित दाने खाकर भेड़ों में फूड प्वाइजनिंग होने की संभावना दिख रही है। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि सूचना पर सीवीओ टीम भेजी गई है।
वहां से रिपोर्ट आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में बिखरा पड़ा अनाज पशुओं न खाने दें।