पठानकोट मिशन को 300 NSG कमांडो ने कैसे दिया अंजाम
पठानकोट एयरबेस में घुसे आतंकियों को मार गिराने के लिए आधुनिक मारक हथियारों से लैस नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के 300 से अधिक ब्लैक कैट कमांडो को तैनात किया गया था।
आतंकियों को मार गिराने में इन जवानों ने अहम भूमिका निभाई। हालांकि इस कार्रवाई में एनएसजी के 21 जवान घायल हुए, जबकि बम स्क्वायड के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टीनेंट कर्नल ईके निरंजन शहीद हो गए।
अभियान से जुड़े सूत्रों के अनुसार करीब 160 कमांडो का पहला दल एक तारीख को पालम मिलिट्री एयरबेस से भारतीय वायु सेना के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के जरिये पठानकोट के लिए रवाना हुआ था। ऐसी ही दो और यूनिटें दो और तीन तारीख को भी भेजी गई थीं। इन यूनिटों में लगभग 80-80 कमांडो शामिल थे।
जानिए किन आधुनिक हथियारों से लैस थे एनएसजी कमांडो
पहली टीम की अगुवाई एनएसजी के महानिरीक्षक (ऑपरेशन) मेजर जनरल दुष्यंत सिंह ने की थी। यहां तक कि फोर्स के महानिदेशक आरसी तयाल खुद रविवार से पठानकोट में डटे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि एनएसजी जवानों ने इस अभियान में एमपी-5 असाल्ट राइफल, ग्लॉक पिस्टल और कॉर्नर शॉट गन जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया। दिवारों और दरवाजों को उड़ाने वाले हथियारों का प्रयोग 2008 में मुंबई हमले के दौरान भी किया गया था।