गजबः पैराशूट के सहारे लेह में उतरा 30 टन का टैंक
देश की अति महत्वपूर्ण हवाई वितरण अनुसंधान विकास एवं स्थापना (एडीआरडीई) आगरा ने एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। अतिदुर्गम स्थान लेह में वायुसेना के पायलटों ने 4,400 मीटर की ऊंचाई से 16 टन वजनी बीएमपी टैंक को सफलतापूर्वक पैराड्रॉप किया है।
सशस्त्र सेनाओं के सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद अब एचडीएस-16 टी प्रणाली (अति विशिष्ट पैराशूट) सेना में शामिल होने को तैयार है। हैवी ड्राप सिस्टम पर पिछले कई सालों से काम करते हुए वैज्ञानिकों ने ऐसी पैराशूट प्रणाली तैयार की है, जिसके जरिए भारतीय सेना भारी रसद और प्रणालियों को कहीं भी उतार सकती है।
पिछले माह राजस्थान में इतनी ही ऊंचाई से एक सफल परीक्षण किया गया था। इसमें यह सिद्ध हुआ कि ऊंचे इलाके में भी टैंक को पैराड्राप किया जा सकता है।
लेह में गजराज विमान से 16 टन वजनी टैंक पैराड्राप
इसके बाद लेह में इसका सफल परीक्षण कर सेना को एक और तोहफा दिया है। इसमें उपयोग किये गए सभी पुर्जे एवं प्रौद्योगिकी देश में ही तैयार कर एडीआईडीई ने ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को भी पूरा किया है।
एडीआरडीई निदेशक डॉ सुभाष चंद सती के मार्ग निर्देशन में परियोजना निदेशक अरुण सक्सेना एवं समूह पैराशूट निदेशक एसपी सिंह की टीम ने इसे कार्य को मुकाम तक पहुंचाया है।
एडीआरडीई निदेशक ने इसे विशिष्ट वैज्ञानिक उपलब्धि के लिए ब्रिगेड कमांडर भारतीय वायु सेना पैरा प्रमुख विवेक अग्रवाल एवं संस्थान के अन्य वैज्ञानिकों के सहयोग को भी सराहा है।