फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   30 percent advocates are fake, they do not parctice in court

देश में 30 प्रतिशत वकील हैं फर्जी, नहीं करते हैं प्रैक्टिस

Sun, 26 Jul 2015 07:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 26 Jul 2015 07:54 PM IST
विज्ञापन
30 percent advocates are fake, they do not parctice in court

बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा पहली बार वकील सम्मेलन में आए थे और इस दौरान उन्होंने एक चौंकाने वाला रहस्योद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारत में 30 प्रतिशत वकील ऐसे हैं जो फर्जी हैं।

विज्ञापन


उनके पास या तो वकालत की डिग्री फर्जी है या फिर वो वकालत नहीं करते। चेन्नई में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए मिश्रा ने कहा कि काउंसिल ऐसे वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन


काउंसिल के आकलन के अनुसार 20 प्रतिशत वकील फर्जी डिग्रियों के आधार पर कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के पूर्व न्याय मंत्री के पास भी फेक डिग्री थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

फर्जी डिग्रियां की जा रही हैं जारी

30 percent advocates are fake, they do not parctice in court

मिश्रा ने कहा कि जो वकील लॉ से ग्रेजूएट होते हुए भी वकालत नहीं कर रहे हैं वो पेशे की गुणवत्ता को अपमानजनक तरीके से गिरा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हम ऐसे वकीलों को छाटेंगे जो प्रैक्टिस नहीं कर रहे हैं और उन्हें दस्तावेजों से भी बाहर का रास्ता दिखाएंगे। मिश्रा ने यह भी कहा कि ऐसे ही वकील छोटे और तुच्छ मुद्दों पर हड़तालों और बहिष्कार में शामिल होते हैं।

मनन लगातार दो बार से बार काउंसिल के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में कानून की फर्जी डिग्रियां जारी की जा रही हैं।

सबका वेरीफिकेशन भारी काम

30 percent advocates are fake, they do not parctice in court

इतनी ही संख्या में वकील बिना उचित डिग्री के विभिन्न कोर्ट और अधिकरणों (ट्रिब्यूनल) में प्रैक्टिस कर रहे हैं।मिश्रा के मुताबिक काउंसिल सत्यापन के नियम पूरे देश में कर्नाटक और केरल को छोड़कर पूरे देश में लागू हैं।

बीसीआई अध्यक्ष मिश्रा की बातों का जवाब देते हुए मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज के.चंद्रु ने कहा कि सभी वकीलों का वेरीफिकेशन बहुत भारी काम है।

उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल कॉलेजों की बाढ़ में जो हर प्रोफेशनल कोर्स के लिए वेरीफिकेशन पा लेते हैं वो चाहे डॉक्टर का कोर्स हो या फिर वकालत का।

बना लें एक कमेटी

30 percent advocates are fake, they do not parctice in court

ये बेहतर होगा कि काउंसिल कुछ पूर्व जजों की एक कमेटी बनाकर जिसका अध्यक्ष किसी पूर्व जज को बना दिया जाए जिसके लिए वकीलों के रिकार्ड्स की जांच करना बड़ी बात नहीं है खास तौर उन लोगों की जांच करना जो वकालत में सक्रिय हैं।

मिश्रा ने अपने भाषण में कहा था कि काउंसिल का अगला निशाना राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय होंगे, जो गुणवत्ता का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि साल के अंत तक हम इस व्यवस्था को पूरे देश में लागू करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed