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दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश

Sat, 03 May 2014 06:28 PM IST
Updated Sat, 03 May 2014 06:28 PM IST
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30 killed by Bodo militants in Assam

असम में जातीय हिंसा में मरने वालों की संख्या 30 हो गयी है। हिंसा प्रभावित इलाक़ों में कर्फ़्यू जारी है और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश हैं।

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बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली ने बताया कि बक्सा ज़िले के नरायणगुड़ी गाँव से शनिवार सुबह आठ शव बरामद हुए हैं जिनमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं।

इससे पहले शुक्रवार को इसी गाँव से 12 शव बरामद हुए थे। हिंसा के पहले दिन गुरुवार को कोकराझार और बक्सा ज़िलों में दस लोग मारे गए थे।

सभी लोग एक ही संप्रदाय के

30 killed by Bodo militants in Assam

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर एम सिंह ने बताया कि गांव में कम से कम 36 घरों को जला दिया गया है। यह गांव मानस नेशनल पार्क के पास है।

मारे गए सभी लोग एक ही संप्रदाय के हैं और कथित तौर पर उन्हें बोडो आदिवासियों ने निशाना बनाया।

घरों में आग लगने के बाद बाहर निकलते लोगों पर हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि शुक्रवार रात से हिंसा का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।

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देखते ही गोली मारने के आदेश

30 killed by Bodo militants in Assam

भारतीय समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में सेना गश्त कर रही है और केंद्र से अर्धसैनिक बलों की दस कंपनियां भी मांगी गई हैं।

हिंसाग्रस्त इलाक़ों में कर्फ़्यू जारी है और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश हैं।

इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन हत्याओं पर गहरे शोक और गुस्से का इज़हार करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता लोगों को विभाजित करने वाली और चरमपंथी ताक़तों को कभी कामयाब नहीं होने देगी।

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पहले भी हुए थे दंगे

30 killed by Bodo militants in Assam

असम पुलिस के मुताबिक़ हमलावरों ने गुरुवार रात कोकराझार और बक्सा ज़िलों में दो स्थानों पर अंधाधुंध फ़ायरिंग की।

ये दोनों क्षेत्र बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) में शामिल हैं, जहां दो साल पहले भी बोडो आदिवासियों और बंगाली मुसलमानों के बीच बड़े पैमाने पर दंगे हुए थे।

बोडो आदिवासियों का आरोप है कि सीमा पार बांग्लादेश से आने वाले मुसलमान अवैध क्षेत्र में बसे हुए हैं। यह क्षेत्र भूटान सीमा के पास स्थित है।

मोदी ने भी दिया था बयान

30 killed by Bodo militants in Assam

बांग्लादेश से आकर भारत में बसने वाले लोगों की समस्या इस चुनाव में मुख्य चुनावी मुद्दा है और प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 16 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अवैध प्रवासियों को वापस भेज दिया जाएगा।

पुलिस का दावा है कि इस हिंसा का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। इस संसदीय क्षेत्र में 24 अप्रैल को वोट डाले गए थे।

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