विधायकों के साथ लालू का शक्ति प्रदर्शन
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पार्टी में बगावत के बीच लालू प्रसाद यादव ने अपने समर्थकों और गिने-चुने विधायकों के साथ पटना की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन किया।
बागी कहे जा रहे 13 विधायकों मे से 9 विधायकों के साथ लालू प्रसाद यादव राजभवन की तरफ पहुंचे। लालू प्रसाद ने बिहार के मुख्यमंत्री पर उनकी पार्टी में फूट की साजिश रचने का आरोप लगाया और उन्हें लोकतंत्र का हत्यारा करार दिया।
लालू ने विधानसभा के स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सारी संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। बागी विधायकों को अलग गुट के रूप में मान्यता देकर उन्होंने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है।
'नीतीश सरकार अल्पमत में'
लालू प्रसाद ने हमलावर होते हुए दावा किया कि नीतीश सरकार अल्पमत में है और उन्हें अपनी सरकार के बहुमत को विधानसभा में साबित करना चाहिए। लालू प्रसाद ने कहा कि लालू ने उनकी पार्टी को हड़पने की कोशिश की थी जो नाकाम कर दी गई है।
लालू ने दावा किया कि जिन 13 लोगों के बागी होने का दावा किया जा रहा था उनमें से 9 विधायक पार्टी में वापस लौट आए हैं। लालू ने जेडीयू सरकार के अल्पमत में होने का दावा करते हुए कहा कि इस संबंध में एक चिट्ठी उन्होंने विधानसभा सचिव को दी है।
लालू प्रसाद ने ऐलान किया कि अब वो नीतीश सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार पर सांप्रदायिक ताकतों से मिलीभगत का आरोप लगाया। भले ही लालू की पार्टी में बगावत साफ नजर आ रही हो लेकिन उन्होंने नारा दिया कि नीतीश कुमार भाग गया और आरजेडी जाग गया।
नीतीश का पलटवार
लालू प्रसाद यादव के आरोपों का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जोरदार खंडन किया है।
नीतीश कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद यादव कांग्रेस के साथ मिलकर बड़ा गठबंधन बनाने चले थे लेकिन वो अपने कुनबे को संभालने में ही नाकाम साबित हुए हैं। आरोपों के जवाब में नीतीश ने कहा लालू प्रसाद यादव उनके विरोधी हैं, ऐसे में उनसे उनकी प्रशंसा की उम्मीद नहीं की जा सकती।
सांप्रदायिक शक्तियों से मिलीभगत के आरोपों पर नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में केवल जेडीयू ही अकेली ताकत है जो सांप्रदायिक ताकतों से शक्ति के साथ मुकाबला करेगी। उन्होंने कहा कि यहां हमारा सीधा मुकाबला बीजेपी से होगा, लालू को अब यहां कोई पूछने वाला नहीं।